पहलगाम से गुलमर्ग तक ठंड का कहर, जनजीवन प्रभावित

कश्मीर घाटी में भीषण ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार (14 जनवरी 2026) को श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील के कई हिस्से और घाटी के अन्य जलस्रोत जम गए। न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस समय कश्मीर घाटी ‘चिल्ला-ए-कलां’ के दौर से गुजर रही है। यह 40 दिनों की सबसे सर्द अवधि होती है, जिसमें भारी ठंड और बर्फबारी की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। यह दौर 21 दिसंबर से शुरू होकर 30 जनवरी तक चलेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार रात (13 जनवरी) श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछली रात के मुकाबले और नीचे रहा। दक्षिण कश्मीर का शोपियां घाटी का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां तापमान माइनस 7.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
कड़ी ठंड के कारण डल झील के अंदरूनी हिस्सों समेत कई जलाशयों में बर्फ जम गई है। दक्षिण कश्मीर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम, जो अमरनाथ यात्रा का बेस कैंप भी है, वहां न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले में स्थित गुलमर्ग में रात का तापमान माइनस 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मध्य कश्मीर के सोनमर्ग में पारा माइनस 2.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड के और बढ़ने की संभावना जताई है।




