भूटान में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की स्थापना, पीएम मोदी ने जताया आभार

भूटान की राजधानी थिम्फू में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का भव्य स्वागत किया गया। भारत से ले जाए गए इन अवशेषों को शनिवार को ताशिछो-डजोंग मठ में स्थापित किया गया, जिसे भूटान के सर्वोच्च आध्यात्मिक और राजनीतिक केंद्रों में से एक माना जाता है।
इस विशेष आयोजन में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, मंत्रियों, धार्मिक संस्थान के वरिष्ठ लोफेंस और भारत के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पारंपरिक चिपड्रेल जुलूस, मंत्रोच्चारण, धार्मिक अनुष्ठानों और गार्ड ऑफ ऑनर के बीच इन अवशेषों की स्थापना की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भूटान के लोगों और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने लिखा, “भारत से लाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का श्रद्धा से स्वागत करने के लिए भूटान के लोगों और नेतृत्व को हार्दिक धन्यवाद। ये अवशेष शांति, करुणा और सौहार्द का शाश्वत संदेश देते हैं।”
Heartfelt appreciation to the people and leadership of Bhutan for the reverent welcome accorded to the Sacred Relics of Lord Buddha from India.
These relics symbolise the timeless message of peace, compassion and harmony. The teachings of Lord Buddha are a sacred link between…
— Narendra Modi (@narendramodi) November 9, 2025
मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश भारत और भूटान की साझा आध्यात्मिक विरासत को जोड़ने वाली एक पवित्र कड़ी हैं। भारतीय दूतावास के अनुसार, भगवान बुद्ध के ये ‘पिपरहवा रेलिक्स’ पहले नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखे गए थे। अब इन्हें 8 से 18 नवंबर तक थिम्फू के ताशिछो-डजोंग स्थित ग्रैंड कुएनरे हॉल में जनदर्शन के लिए रखा जाएगा।
संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि यह आयोजन भारत और भूटान के बीच गहरी आध्यात्मिक एकता और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक है।





