भारत और अमेरिका के बीच Washington, DC में Trade Talks शुरू; Section 301 और नए Tariffs पर होगी चर्चा

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तीन दिनों की महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता वॉशिंगटन, DC में शुरू हो गई है। यह चर्चा मुख्य रूप से बदलते वैश्विक Tariff conditions को देखते हुए प्रस्तावित ट्रेड फ्रेमवर्क को फिर से कैलिब्रेट (recalibrate) करने पर केंद्रित है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से दोनों पक्षों के बीच चर्चा केवल वर्चुअल माध्यम से चल रही थी, लेकिन अब काफी समय बाद दोनों पक्ष व्यक्तिगत रूप से (in-person) आमने-सामने बैठकर बातचीत कर रहे हैं।
भारत में अमेरिका के राजदूत (US Ambassador) सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि वॉशिंगटन में फिर से शुरू हुई यह बातचीत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में एक “बड़ा कदम” है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पोस्ट में गोर ने विश्वास जताया कि यह समझौता दोनों देशों के लिए एक “Win-Win” स्थिति साबित होगा।
The Indian trade delegation will be arriving in Washington this week. A great step to finalize our bilateral trade deal. A win-win for both nations!
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) April 20, 2026
प्रतिनिधिमंडल और नेतृत्व की भूमिका
यह महत्वपूर्ण मीटिंग 20 से 22 अप्रैल तक चलेगी जिसमें भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी दर्पण जैन कर रहे हैं। भारत ने इस वार्ता के लिए एक मजबूत टीम भेजी है जिसमें कस्टम्स विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। यह टीम ट्रेड एग्रीमेंट से जुड़े तकनीकी और कूटनीतिक पहलुओं पर गहराई से चर्चा करेगी।
Bilateral Trade Agreement का ऐतिहासिक संदर्भ और लक्ष्य
व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई शुरुआती चर्चाओं के बाद शुरू की गई थी। दोनों देशों का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा दीर्घकालिक (long-term) समझौता तैयार करना है जो आपसी व्यापार पहुंच (reciprocal trade access), टैरिफ अलाइनमेंट और मजबूत सप्लाई चेन (resilient supply chains) के निर्माण पर आधारित हो। दोनों पक्ष व्यापारिक रिश्तों को एक स्थिर ढांचा देने की कोशिश में जुटे हैं।
अमेरिकी टैरिफ नियमों में बदलाव और उत्पन्न चुनौतियां
वर्तमान में दोनों देश अपने ड्राफ्ट एग्रीमेंट का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं क्योंकि हाल ही में अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में बड़े बदलाव आए हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा International Emergency Economic Powers Act के तहत लगाए गए कुछ टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद, वॉशिंगटन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का अस्थायी शुल्क (temporary tariff) लागू कर दिया है। इसी कारण 7 फरवरी को जारी किए गए पुराने फ्रेमवर्क के प्रावधानों पर फिर से विचार करना अनिवार्य हो गया है।
Section 301 Investigations और भारत का कड़ा विरोध
इन वार्ताओं के दौरान अमेरिकी व्यापार कानून की Section 301 के तहत शुरू की गई दो चल रही जांचों (investigations) पर भी गंभीर चर्चा होने की संभावना है। भारत ने इन जांचों के दौरान उठाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह और कड़ाई से खारिज कर दिया है। भारतीय पक्ष का स्पष्ट रूप से तर्क है कि इन प्रोब्स का कोई ठोस या स्पष्ट आधार नहीं है, इसलिए भारत ने इन जांचों को तुरंत समाप्त (termination) करने की अपनी मांग दोहराई है।





