क्या जल्द सस्ती होगी गैस? LPG सप्लाई सामान्य होने में लग सकते हैं 3-4 साल

New Delhi: देश में LPG की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में अभी लंबा समय लग सकता है। मौजूदा हालात को देखते हुए सप्लाई चेन को पटरी पर आने में 3 से 4 साल तक का समय लगने की आशंका जताई जा रही है।
आपूर्ति बाधित, लंबी रिकवरी की संभावना
कुछ अहम सप्लाई स्रोत अभी भी प्रभावित बताए जा रहे हैं, जिसके चलते रिकवरी की प्रक्रिया धीमी रह सकती है। उद्योग से जुड़े संकेत भी बताते हैं कि स्थिति जल्द सामान्य होना आसान नहीं होगा।
रिपोर्ट में सामने आया आकलन
इसी बीच, Moneycontrol की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा है कि प्रभावित सप्लायर्स से मिले इनपुट के आधार पर सप्लाई को पूरी तरह बहाल होने में कम से कम तीन साल या उससे अधिक समय लग सकता है। अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि कुछ महत्वपूर्ण आपूर्ति अब भी बाधित हैं।
पश्चिम एशिया तनाव का असर
एलपीजी सप्लाई में आई यह बाधा पश्चिम एशिया में जारी तनाव से जुड़ी है। क्षेत्र में अस्थिरता के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम मार्ग पर असर पड़ा है, जो भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है।
आयात पर भारत की निर्भरता
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60% आयात के जरिए पूरा करता है। इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों—संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब—से आता है। हालिया व्यवधान के चलते इन देशों से आने वाली सप्लाई में कमी देखी गई है।
कीमतों पर भी असर
सप्लाई में कमी का असर कीमतों पर भी पड़ा है। घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडर महंगे हुए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं।
PNG की ओर बढ़ने की कोशिश
सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दे रही है, ताकि आयातित एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके।
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है। आने वाले समय में कीमतों और उपलब्धता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है।





