विदेश

ईरान के चाबहार पोर्ट को लेकर भारत के सामने नई चुनौती, अमेरिका से बातचीत जारी

भारत ईरान के रणनीतिक रूप से अहम चाबहार पोर्ट परियोजना में अपनी भूमिका को लेकर विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है।

ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में चाबहार पोर्ट के विकास में भारत एक प्रमुख साझेदार है। यह पोर्ट भारत के लिए मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक पहुंच के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पिछले साल सितंबर में अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चाबहार पोर्ट परियोजना के लिए भारत को छह महीने की विशेष छूट दी गई थी। यह छूट 26 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाली है।

इस पूरे मामले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को कहा कि भारत इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा, “28 अक्टूबर को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने चाबहार पोर्ट से जुड़ी सशर्त प्रतिबंध छूट को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे, जो 26 अप्रैल 2026 तक वैध हैं। इस व्यवस्था को लेकर हम अमेरिकी पक्ष से बातचीत कर रहे हैं।”

रंधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से रिश्ते रहे हैं और भारत वहां की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि ईरान में हाल के महीनों में सरकार विरोधी बड़े प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें अब तक 2,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

इस बीच, सूत्रों के मुताबिक भारत चाबहार पोर्ट परियोजना में अपनी सीधी हिस्सेदारी कम करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत भारत करीब 120 मिलियन डॉलर की वह राशि ट्रांसफर कर सकता है, जिसे उसने इस परियोजना के लिए पहले ही मंजूर किया था।

सूत्रों ने यह भी बताया कि चाबहार पोर्ट के विकास को आगे बढ़ाने के लिए एक नई इकाई (नया संगठन) बनाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। इससे एक ओर भारत सरकार का सीधा जोखिम खत्म होगा, वहीं दूसरी ओर परियोजना के लिए भारत का समर्थन भी बना रहेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में ट्रंप प्रशासन ने 2018 में दी गई चाबहार पोर्ट से जुड़ी प्रतिबंध छूट को वापस लेने का ऐलान किया था। हालांकि, इसके कुछ हफ्तों बाद अमेरिका ने भारत को छह महीने की अतिरिक्त राहत दी थी।

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत नया टैरिफ लगाने की घोषणा की है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसका भारत पर बहुत सीमित असर पड़ने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पिछले साल भारत और ईरान के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 1.6 अरब डॉलर रहा। इसमें से भारत का निर्यात करीब 1.2 अरब डॉलर और आयात लगभग 0.4 अरब डॉलर रहा।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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