गुवाहाटी हाई कोर्ट में 3 घंटे चली सुनवाई, पवन खेड़ा की याचिका पर फैसला टला

गुवाहाटी: गुवाहाटी हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में बुधवार को फैसला आने की संभावना नहीं है।
यह सुनवाई जस्टिस पीजे सैकिया की अदालत में करीब तीन घंटे तक चली। खेरा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और केएन चौधरी पेश हुए, जबकि असम सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने पक्ष रखा।
दरअसल, खेरा ने 5 अप्रैल को नई दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि उनके पास UAE, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के पासपोर्ट हैं, दुबई में संपत्ति है और शेल कंपनियों में निवेश है।
इन आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेरा के खिलाफ केस दर्ज कराया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत दर्ज हुआ है, जिसमें मानहानि, जालसाजी और गलत जानकारी देने जैसे आरोप शामिल हैं।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस खेरा के दिल्ली स्थित घर भी पहुंची थी, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थे। बाद में उन्होंने तेलंगाना हाई कोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत ली, जिसे 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया था।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने खेरा को गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया, जहां अब इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसले का इंतजार किया जा रहा है।





