इंडो-पैसिफिक और आर्थिक सुरक्षा पर फोकस, भारत-जापान विदेश मंत्रियों की 18वीं वार्ता

चीन के साथ बढ़ते तनाव और क्वाड शिखर सम्मेलन को लेकर अनिश्चितता के बीच जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
दोनों देशों के विदेश मंत्री 18वें भारत-जापान रणनीतिक संवाद में हिस्सा लेंगे। बातचीत में जापान की “फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक” (FOIP) पहल को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर तकनीक, इनोवेशन और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
यह तोशिमित्सु मोतेगी की नवंबर 2025 में जापान में नई सरकार बनने के बाद भारत की पहली यात्रा है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की लोकप्रियता हाल के महीनों में तेजी से बढ़ी है और माना जा रहा है कि वह फरवरी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए समय से पहले चुनावों की घोषणा कर सकती हैं।
मोतेगी इस समय 9 दिन के विदेशी दौरे के अंतिम चरण में भारत पहुंचे हैं। इससे पहले वह इज़राइल, फिलिस्तीन और कतर का दौरा कर चुके हैं। भारत में वह ईरान की स्थिति और गाज़ा शांति प्रस्ताव पर भी विचार साझा कर सकते हैं।
इससे पहले फिलीपींस यात्रा के दौरान जापान ने वहां के साथ दो रक्षा समझौते किए थे, जिनमें आपसी सैन्य पहुंच और दक्षिण चीन सागर में गश्ती नौकाओं के लिए फंडिंग शामिल है। ऐसे में चीन की क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर भारत के साथ भी चिंता साझा किए जाने की संभावना है।
जापान, भारत के साथ आर्थिक सुरक्षा पर वरिष्ठ अधिकारियों की दूसरी बैठक और निजी क्षेत्र के बीच B2B संवाद शुरू करने का भी इच्छुक है। जापान चीन के साथ पिछले दो महीनों से चल रहे तनाव से आर्थिक रूप से चिंतित है। यह विवाद तब बढ़ा जब जापानी प्रधानमंत्री ने ताइवान को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद चीन ने पर्यटन, व्यापार और जापानी समुद्री खाद्य उत्पादों पर रोक लगा दी। चीन ने सेमीकंडक्टर से जुड़े कुछ रसायनों के आयात पर भी सख्ती बढ़ा दी है, जिसे जापान ने अस्वीकार्य बताया है।
वहीं, भारत और अमेरिका के बीच बीते एक साल से व्यापार और अन्य मुद्दों पर चल रहे मतभेदों के चलते क्वाड शिखर सम्मेलन भी टलता रहा है। 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने की संभावना थी, लेकिन फिलहाल अगले क्वाड शिखर सम्मेलन की कोई तारीख तय नहीं है। हालांकि, क्वाड के तहत आतंकवाद विरोधी और आपदा राहत से जुड़े कार्य समूहों की बैठकें दिसंबर 2025 में हो चुकी हैं।
कुल मिलाकर, दिल्ली में होने वाली यह बैठक भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।





