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फैक्ट चेक: बच्चों की खिलौने वाली बंदूक से कथित तौर पर भूत भगाते मौलाना का वीडियो भारत से नहीं, यहाँ पढ़ें वीडियो की सच्चाई

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फैक्ट चेक: बच्चों की खिलौने वाली बंदूक से कथित तौर पर भूत भगाते मौलाना का वीडियो भारत से नहीं, यहाँ पढ़ें वीडियो की सच्चाई

सोशल मीडिया पर कई अजीबो-गरीब वीडियो रोजाना देखने को मिल जाते हैं। इसी कड़ी में एक ऐसा ही अजीबो-गरीब वीडियो इन दिनों भी फेसबुक पर वायरल है। वीडियो में एक मौलाना और एक महिला को आमने-सामने बैठे हुए देखा जा सकता है। वीडियो में गौर किया जा सकता है कि मौलाना अपने दोनों हाथों में बच्चों की खेलने वाली बंदूकों को पकड़ कर महिला पर चला रहे हैं। बता दें कि इस दौरान वीडियो में खिलौने वाली बंदूकों के चलने की आवाज़ भी सुनाई दे रही है।

इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मौलाना का यह कृत कथित तौर पर इंसानों के शरीर से भूत भगाने के एक टोटके का है। जहां यह मौलाना इसी अजीबो-गरीब तरीके से एक महिला के शरीर से भूत भगा रहे हैं। इसी वीडियो को शेयर कर भारत में रह रहे समुदाय विशेष के लोगों पर अन्धविश्वास को लेकर तंज कसा जा रहा है।

वीडियो को फेसबूक पर शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन के साथ लिखा गया है कि “ बागेश्वरबाबा को कोसने वालो, एक नजर इधर भी तो डालो…! मौलानाजी भूतों को गोली से मार रहे हैं……ये वाले भूत भी AK-47 से ही मरते हैं? पूरे वैज्ञानिक और आधुनिक तौर तरीकों से से लैश है यह टेक्नोलॉजी…यह वैज्ञानिकों द्वारा प्रमाणित है…इसमें लेशमात्र भी कोई अंधभक्ति नहीं है” 

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

दरअसल, बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री बाबा पर अंधविश्वास को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स उनकी सिद्धि को लेकर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर इन मौलाना का यह वीडियो वायरल हो रहा है।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं और साथ ही इसका भारत से कोई संबंध नहीं हैं।

सोशल मीडिया पर हाल ही वायरल हो रहे इस वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई। जिसके बाद हमने अपनी पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो फेसबुक पर मिला, जिसे अक्टूबर 26, 2022 को अपलोड किया गया था। हालांकि वीडियो के साथ कोई कैप्शन नहीं दिया गया था। लेकिन इसी यह साफ़ हो गया था कि यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं है।

वीडियो व वीडियो में दिख रहे मौलाना की सटीक जानकारी के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें गूगल पर वायरल वीडियो से मेल खाता एक दूसरा वीडियो Perubatan Islam Ustaz Raffi  नामक फेसबुक प्रोफाइल पर मिला। जिसे अक्टूबर जुलाई 15, 2019 को अपलोड किया गया था।

उपरोक्त प्राप्त वीडियो से हमने जाना कि वायरल वीडियो की घटना हालिया दिनों की नहीं बल्कि कई साल पुरानी है। बता दें कि फेसबुक पर वायरल वीडियो को किसी अन्य भाषा के कैप्शन के साथ अपलोड किया गया है। गूगल ट्रांसलेटर की सहायता से हमने जाना कि कैप्शन में कहा गया है कि भगवान का शुक्र है… जादू टोने की समस्या को हल किया जिसका मैं 16 वर्षों से सामना कर रहा हूँ अल्लाह की आज्ञा के साथ… कोई भी पूछताछ इस लाइन पर मुझसे सीधे संपर्क कर सकते हैं :- 0139600007 (अध्यापक राफी)

इसके साथ ही वीडियो में कथित जादू टोना करते दिख रहे मौलाना के पते का भी जिक्र किया गया है। कैप्शन में पते का जिक्र करते हुए Terengganu का नाम लिखा गया है। जब हमने गूगल पर सर्च किया तो पता चला कि यह एक मलेशियन स्टेट है।

इसके बाद हमने पुष्टि के लिए हमने गूगल पर मौलाना की भी जानकारी प्राप्त करने के लिए खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें nst.com नामक वेबसाइट से जानकारी मिली यह मौलाना मलेशिया से हैं जिनका नाम ‘उस्ताज़ रफ़ी’ है।

पड़ताल के दौरान हमें मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि इंटरनेट पर साल 2022 से ही मौजूद है। इसके साथ ही यह वीडियो भारत से नहीं बल्कि मलेशिया से है। बता दें कि हम स्वतंत्र रूप से यह नहीं पता लगा पाए कि यह वीडियो असल में कितना पुराना है।