पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ECI ने जारी की संशोधित वोटर लिस्ट, लाखों नाम शामिल और हटाए गए
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले Election Commission of India ने मतदाता सूची को लेकर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने उन मतदाताओं की अलग-अलग सूची जारी की है जिनके नाम शामिल किए गए हैं और जिनके नाम हटाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सूची में बदलाव
यह कदम Supreme Court of India के हालिया आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि जिन मतदाताओं के नाम अपीलीय प्रक्रिया में मंजूर हो चुके हैं, उन्हें मतदान से कम से कम दो दिन पहले सूची में शामिल किया जाए।
दो अलग-अलग सूची जारी
चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार दो सूचियां प्रकाशित की गई हैं। पहली सूची में वे मतदाता शामिल हैं जिनके नाम अदालत द्वारा गठित अपीलीय न्यायाधिकरणों से मंजूरी मिलने के बाद जोड़े गए हैं। दूसरी सूची में वे नाम शामिल हैं जिन्हें मंजूरी नहीं मिलने के कारण हटाया गया है।
मतदान से पहले बड़ा चरण
राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर पहले चरण में मतदान होना है। यह मतदान गुरुवार को आयोजित किया जाएगा, जबकि बाकी सीटों के लिए मतदान 29 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
लाखों नामों पर हुई सुनवाई
जानकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत लाखों मतदाताओं के नामों की जांच की गई थी। अपीलीय न्यायिक अधिकारियों ने करीब 2.7 मिलियन से अधिक मामलों का निपटारा किया।
राजनीतिक दलों को दी गई सूची
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अपडेटेड वोटर लिस्ट की कॉपी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और चुनाव अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा रही है। जिन मतदाताओं के नाम मंजूर हुए हैं, उन्हें बूथ स्तर के अधिकारियों के जरिए सूचना दी जाएगी।
चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल
SIR प्रक्रिया को लेकर पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में विवाद और बहस चल रही है। अब संशोधित मतदाता सूची जारी होने से चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।





