
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में इबोला का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य चिंताएं बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक ही दिन में 71 नए मामलों की पुष्टि की है, जो इस प्रकोप के दौरान दर्ज किए गए सबसे बड़े आंकड़ों में से एक है।
प्रकोप की भयावह स्थिति
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 15 मई को ‘बुंडिबुग्यो’ (Bundibugyo) स्ट्रेन के प्रकोप की घोषणा के बाद से कुल संक्रमितों की संख्या 452 हो गई है, जिनमें अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है। ये मामले मुख्य रूप से उत्तरी-पूर्वी कांगो के इतुरी प्रांत में केंद्रित हैं। यह क्षेत्र पहले से ही खराब स्वास्थ्य अवसंरचना और सशस्त्र समूहों के संघर्ष के कारण असुरक्षित है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है।
तेजी से फैल रहा संक्रमण
स्वास्थ्य रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि इतुरी के 36 में से 17 स्वास्थ्य क्षेत्रों और उत्तर व दक्षिण किवू में भी वायरस के पुष्ट मामले मिले हैं। समुदाय में संक्रमण का यह प्रसार बेहद चिंताजनक है, और इसके प्रभाव पड़ोसी देशों जैसे युगांडा तक भी देखे जा रहे हैं।
WHO की बड़ी पहल
इस गंभीर स्थिति को देखते, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने 518 मिलियन डॉलर की छह महीने की कार्ययोजना की घोषणा की है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य कांगो और युगांडा में इबोला पर नियंत्रण पाना है, साथ ही सीमा पर जांच को मजबूत करना और अन्य देशों को संभावित खतरों के लिए तैयार करना है।
इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट के समय सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही इबोला की रोकथाम की एकमात्र चाबी है।





