2030 तक चीन का बड़ा दांव: ऊर्जा सेक्टर में एआई का राज़!

चीन ने सोमवार को एक नई योजना पेश की है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को तेज करना है। इस योजना के तहत डेटा, कंप्यूटिंग पावर और एल्गोरिद्म जैसी अहम तकनीकों में बड़े बदलाव किए जाएंगे।
यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में एआई कंपनियों की संख्या पिछले पांच साल में 1,400 से बढ़कर 5,000 हो गई है। यह जानकारी उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी के उपमंत्री शिन गुओबिन ने चोंगकिंग में आयोजित वर्ल्ड स्मार्ट इंडस्ट्री एक्सपो में दी।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, इस योजना में डेटा-शेयरिंग को बेहतर बनाने, कंप्यूटिंग पावर और बिजली आपूर्ति के समन्वय के लिए नई प्रणाली तैयार करने और ऊर्जा क्षेत्र में एआई और सॉफ्टवेयर के गहरे एकीकरण पर जोर दिया गया है।
यह योजना राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग और राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन द्वारा जारी की गई है। इसके तहत 2027 तक एआई और ऊर्जा के एकीकरण के लिए एक नवाचार प्रणाली बनाने और इस क्षेत्र में बड़ी तकनीकी उपलब्धियां हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
चीन पहले ही 40,000 से ज्यादा स्मार्ट फैक्ट्रियां, 11 राष्ट्रीय पायलट जोन और 17 राष्ट्रीय डेमोंस्ट्रेशन जोन स्थापित कर चुका है। इसके अलावा, एआई इंडस्ट्री के लिए 60 अरब युआन का निवेश फंड लॉन्च किया गया है, एआई एथिक्स के नियम बनाए गए हैं, चीन-ब्रिक्स एआई डेवलपमेंट सेंटर शुरू किया गया है और 240 से ज्यादा एआई तकनीकी मानक तय किए गए हैं।
योजना के मुताबिक, 2030 तक चीन का लक्ष्य है कि ऊर्जा क्षेत्र में एआई का उपयोग विश्वस्तरीय स्तर पर पहुंचे और कंप्यूटिंग पावर व बिजली आपूर्ति के लिए उन्नत तंत्र तैयार हो।





