भारत

मध्य पूर्व तनाव के बीच सरकार अलर्ट, पेट्रोल-डीजल और LPG की सप्लाई पर रखी जा रही नजर

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति और जरूरी सामानों की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद सरकार ने साफ किया कि देश में फिलहाल किसी तरह की कमी नहीं है और जरूरी सामानों की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। राजनाथ सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने और घबराने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार supply chain में किसी भी रुकावट को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

सरकार ने बताया कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के स्टॉक के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल का भी अच्छा-खासा रिजर्व उपलब्ध है। घरेलू फसलों को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। सरकारी तेल कंपनियां रोजाना करीब 50 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई कर रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के बावजूद कहीं भी एलपीजी की कमी की रिपोर्ट नहीं है।

ऑफलाइन एलपीजी बुकिंग दर 99% तक पहुंच गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक को बढ़ा दिया है। रोजाना 2,000 से ज्यादा छापे मारे जा रहे हैं। जांच के दौरान 378 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया, जबकि 76 वितरकों को निलंबित भी किया गया।

सरकार का कहना है कि आम लोगों को जरूरी चीजों की कमी न हो, इसके लिए supply chain को लगातार monitor किया जा रहा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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