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मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, PMLA के तहत आरोपी की गिरफ्तारी गलत नहीं- SC

नई दिल्ली: प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट ( PMLA) के तहत ED द्वारा की गई गिरफ्तारी, जब्ती और जांच की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत की शर्तों, जब्ती और गिरफ्तारी की शक्ति से संबंधित कानून के प्रावधानों के संबंध में फैसला सुनाया. जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस सी टी रवि कुमार और दिनेश माहेश्वरी सहित तीन डिवीजन की बेंच ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत विभिन्न प्रावधानों की वैधता को बरकरार रखा.

 

शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) की तुलना प्राथमिकी से नहीं की जा सकती. अदालत ने आगे कहा कि ईसीआईआर प्रवर्तन निदेशालय का एक आंतरिक दस्तावेज है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ईडी अधिकारियों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किसी आरोपी को हिरासत में लेने के समय गिरफ्तारी के आधार का खुलासा करना अनिवार्य नहीं है.

 

कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम, एनसीपी नेता अनिल देशमुख और अन्य की तरफ से आई करीब 242 अपीलों पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. सभी याचिकाओं में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों को चुनौती दी गई थी. जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रवि कुमार की बेंच ने यह फैसला सुनाया.

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