Sri Lanka: राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने इस्तीफे की घोषणा की, 13 जुलाई को देंगे इस्तीफा
Sri Lanka: राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने इस्तीफे की घोषणा की, 13 जुलाई को देंगे इस्तीफा
श्रीलंका में आर्थिक व राजनीतिक संकट के बीच अब राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। 13 जुलाई को राष्ट्रपति राजपक्षे इस्तीफा देंगे। बता दें, राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हो रहा था। शनिवार को हजारों प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आवास में घुस गए। इस घटना के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे कथित तौर पर अपने घर से भाग गए थे।
🔲 #WATCH श्रीलंका के कोलंबो में राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनकारी पहुंचे। #SriLankaCrisis
(वीडियो सौजन्य: रॉयटर्स) pic.twitter.com/B5tjDQ9kxg
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) July 10, 2022
श्रीलंका में जारी हंगामें के बाद पार्टी नेताओं की बैठक हुई जिसमें स्पीकर ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को इस्तीफा देने के लिए पत्र लिखा. इसके बाद खबर आई कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे इस्तीफा देने से मान गए लेकिन प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पद छोड़ने से इंकार कर दिया था लेकिन बाद में वह भी इस्तीफा के लिए राजी हो गए। श्रीलंका पीएम द्वारा इस्तीफा देने के बाद श्रीलंका के कुछ सांसदों ने कहा कि अगले कुछ दिनों में सर्वदलीय अंतरिम सरकार की नियुक्ति हो जाएगी। इसी बीच प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास में आग लगा दी। श्रीलंका में स्थिति अभी भी काबू से बाहर है।
श्रीलंका में शनिवार को हुए बेहद हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद सेना ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने के लिए सुरक्ष बलों के साथ सहयोग करने की अपील की है। श्रीलंका के चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ ने कहा है कि राजनीतिक संकट के शांतिपूर्ण तरीक़े से समाधान के लिए एक मौका आया है। शनिवार को गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के सरकारी आवास पर हमला बोल दिया था. वहीं, हज़ारों की भीड़ ने प्रधानमंत्री के निजी आवास पर आग लगी दी थी। लोगों को हिंसा से रोकने के लिए सेना और पुलिस ने आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें भी छोड़ीं लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
बता दें श्रीलंका में लोग खाने के समाने, पेट्रोल और दवाइयों की कमी से जूझ रहे हैं। सरकार के पास इन आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा नहीं बची है। वहीं, देश में महंगाई आसमान छू रही है। देश के खराब आर्थिक हालात से नाराज लोग महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
श्रीलंका में इस संकट के बीच भारत की ओर से पहली प्रतिक्रिया आयी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम अपने पड़ोसी देश के लिए हमेशा मददगार रहे हैं और आगे भी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि, इस वक्त वो परेशानी से जूझ रहे हैं इसलिए अभी हम थोड़ा से इंतजार करेंगे।
हम श्रीलंका को लेकर बहुत सहायक रहे हैं। हम मदद की कोशिश कर रहे हैं। वे अपनी समस्या पर काम कर रहे हैं…अभी तक शरणार्थियों से संबंधित कोई समस्या नहीं है: विदेश मंत्री एस. जयशंकर, तिरुवनंतपुरम pic.twitter.com/ngDY6DUYp9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 10, 2022





