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लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में चीनी घुसपैठ के सवाल पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने दिया जवाब

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को यहां कहा कि 2016 के उरी आतंकी हमले और बालाकोट हवाई हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया ने देश की राजनीतिक और सैन्य इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है.

कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने के अवसर पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने कहा, कई अभियानों में मुश्किल इलाको में कई बाधाओं के बाद शानदार जीत हासिल करने पर देश और सेना को गर्व है.

इसी के साथ उन्होंने चीन की तरफ से घुसपैछ की खबरों पर रावत ने कहा कि चीन की तरफ से कोई घुसपैठ नहीं हुई है. चीनी आते हैं और वास्तविक नियंत्रण की उनकी कथित रेखा पर गश्त करते हैं, जिसे हम रोकने की कोशिश करते हैं.”

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सेना प्रमुख ने कहा ‘डेमचोक सेक्टर में कुछ तिब्बतियों द्वारा हमारी तरफ से जश्न मनाया जा रहा था. उसके आधार पर, यह देखने के लिए कि क्या हो रहा था, कुछ चीनी भी इसके विपरीत आए. सब कुछ सामान्य है.’

पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “ऐतिहासिक रूप से अपनी खुद की अपर्याप्तता, आंतरिक सुरक्षा और शासन के मुद्दों से परेशान, पाकिस्तानी सेना समय-समय पर ऐसे रास्तों का सहारा लेता है जो, या तो त्रुटिपूर्ण छद्म युद्धों के ज़रिये या हमारे देश में राज्य प्रायोजित आतंक या घुसपैठ के माध्यम से किया जाता है.”

उन्होंने आगे कहा, “भारतीय सशस्त्र बल दृढ़ हैं और हमारी क्षेत्रीय अखंडता का बचाव करने के लिए तैयार हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि किसी भी दुस्साहस को बहुत दंडात्मक प्रतिक्रिया के साथ निरस्त किया जाएगा.”

इससे पहले शुक्रवार को खबर आई थी कि चीन ने एक बार फिर भारतीय क्षेत्र पर अपनी बुरी नजर डाली है और उकसाने वाली कार्रवाई करते हुए लद्दाख के डेमचोक इलाके में भारतीय सीमा में घुसपैठ की है.

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