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सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा पर तत्काल आदेश पारित करने से किया इंकार

पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के हड़ताल बंद करने के एक दिन बाद, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग करने वाली याचिका पर कोई जरूरी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है.

जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि इस मामले को गर्मियों की छुट्टियों के बाद उचित पीठ के समक्ष रखा जाएगा.

अदालत ने कहा,“अब हड़ताल खत्म हो गई है, हम कोई आदेश पारित करने नहीं जा रहे हैं. हमने मामले में तत्काल परिस्थितियों को देखते हुए इसे आज के लिए सूचीबद्ध किया था. लेकिन अब, हड़ताल को बंद कर दिया गया है, इसे उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा.”

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कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने से इंकार किया है, लेकिन अदालत ने याचिकाकर्ता को यह भरोसा दिलाया है कि चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर अदालत की उचित पीठ ज़रूरी कदम उठाएगी.

वकील अलख आलोक श्रीवास्तव, जिन्होंने अपने नाम पर जनहित याचिका दायर की थी, ने अदालत से मामले में नोटिस जारी करने का आग्रह किया। इस याचिका में सरकारी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्देश देने की मांग भी की गई है।

इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने ‘इंटरवेंशन एप्लीकेशन’ (IA) दायर किया है और मामले में याचिकाकर्ता के कारण का समर्थन किया है.

शीर्ष अदालत देश भर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर, एक मरीज के परिजनों द्वारा उनके साथी के साथ मारपीट के विरोध में ,शुक्रवार(14 जून) को याचिका दायर की गई थी. बता दें कि मरीज़ की मृत्यु सोमवार(10 जून) रात को हुई थी.

10 जून से विरोध प्रदर्शन कर रहे बंगाल के जूनियर डॉक्टरों ने कल (17 जून) को नाबाना में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद अपनी हड़ताल को बंद कर दिया था.

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