
पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तथाकथित धर्मगुरु (self-styled godman) राधामोहन मिश्रा और उसके सात सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक महिला को दिव्य शक्तियों का झांसा देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया, उसे प्रताड़ित किया और आर्थिक रूप से लूटा।
सालों तक चला शोषण का सिलसिला
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 16 जून को शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सभी आठ आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके साथ 15 सालों से अधिक समय तक अत्याचार किया। उसे बार-बार यौन शोषण का शिकार बनाया गया, शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बिजली के झटके दिए गए और मजबूर करके आरोपी का मूत्र पिलाया गया।
‘आधुनिक गुरुकुल’ की आड़ में काला जादू
जांच में पता चला है कि राधामोहन मिश्रा पुणे के खराडी इलाके में एक आश्रम चलाता था, जिसे वह “आधुनिक गुरुकुल” का नाम देता था। यहाँ वह अनुयायियों के बच्चों को रखकर उनका मानसिक शोषण और शारीरिक उत्पीड़न करता था।
आरोपी खुद को मन पढ़ने और भविष्य बताने वाली दिव्य शक्तियों से संपन्न बताता था। इसके अलावा, उसने पीड़िता की संपत्ति को अपने नाम करने की भी कोशिश की, जिसके बाद उस पर धोखाधड़ी के मामले भी जोड़े गए हैं। पुलिस को तलाशी के दौरान आश्रम से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, 6.5 लाख रुपये नकद, 15 लाख रुपये से अधिक के आभूषण और एक्सपायर्ड दवाइयां बरामद हुई हैं।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथाओं और काला जादू अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश में जुटी है।





