E-25 पेट्रोल पर सरकार ने तोड़ी चुप्पी, केंद्र ने बताया अफवाह; फिलहाल नहीं लिया गया कोई फैसला
देश में E-25 पेट्रोल को जल्द लागू किए जाने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने साफ कहा है कि E-25 पेट्रोल लागू करने का फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सरकार अभी केवल परीक्षण (Testing) के चरण में है और किसी भी अगले कदम से पहले वैज्ञानिक जांच और विशेषज्ञों की राय का इंतजार किया जाएगा।
E-25 पेट्रोल को लेकर सरकार ने क्या कहा?
सरकारी अधिकारियों ने मीडिया में चल रही उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि सरकार जल्द ही 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E-25) बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, E-20 से आगे बढ़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। E-25 पर भविष्य में कोई फैसला तभी होगा, जब सभी वैज्ञानिक परीक्षण सफल होंगे।
फिलहाल E-20 पेट्रोल ही लागू है
सरकार के अनुसार, भारत में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है।
- अप्रैल 2023 में E-15 लागू किया गया।
- अप्रैल 2024 में E-19 शुरू हुआ।
- अप्रैल 2025 से E-20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हर चरण से पहले वाहन कंपनियों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ परीक्षण और मूल्यांकन किया गया।
E-25 पर अभी जारी है परीक्षण
अधिकारियों ने बताया कि अलग-अलग वाहन कंपनियों और विभिन्न श्रेणी के वाहनों पर E-25 की Compatibility Testing जारी है। इन परीक्षणों की अंतिम रिपोर्ट अभी सरकार को नहीं मिली है।
सरकार का कहना है कि इंजन की सुरक्षा, माइलेज, प्रदर्शन और वाहन की टिकाऊ क्षमता पूरी तरह संतोषजनक पाए जाने के बाद ही किसी नए मिश्रण पर विचार किया जाएगा।
E-20 से अब तक कोई बड़ी समस्या नहीं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 20 करोड़ पेट्रोल दोपहिया वाहन और 20 लाख पेट्रोल कारें पहले से E-20 पेट्रोल का उपयोग कर रही हैं।
अधिकारियों का दावा है कि अब तक उपभोक्ताओं या ऑटोमोबाइल उद्योग की ओर से किसी बड़ी तकनीकी समस्या की शिकायत सामने नहीं आई है।
सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग पर क्यों दे रही है जोर?
सरकार के अनुसार, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम केवल पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
इस पहल से:
- कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी।
- विदेशी ईंधन पर खर्च घटेगा।
- किसानों को कृषि उत्पादों से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा।
- स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि E-25 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। किसी भी नए ईंधन मिश्रण को लागू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और विशेषज्ञों की मंजूरी अनिवार्य होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल E-25 पेट्रोल लागू करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।





