NEET UG री-एग्जाम 2026 में बड़ा फर्जीवाड़ा, बिहार में 9 सॉल्वर गिरफ्तार, 30 लोग पुलिस हिरासत में

NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान बिहार के लखीसराय जिले में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नकल और प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) का मामला सामने आया है। प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 30 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 9 ऐसे आरोपी शामिल हैं जो दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जांच के दौरान की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ लोग वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने की कोशिश कर रहे थे।
अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से पकड़े गए आरोपी
जानकारी के मुताबिक, एक आरोपी को KRK हाई स्कूल परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया। वहीं सात लोगों को केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र से और एक अन्य आरोपी को हसनपुर स्कूल परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं और इनके बीच किसी संगठित नेटवर्क के होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
21 अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी
प्रतिरूपण के आरोपियों के अलावा 21 अन्य लोगों को भी कथित परीक्षा धोखाधड़ी मामले में हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लोगों की भूमिका क्या थी और क्या ये किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं।
प्रशासन और पुलिस की निगरानी में जांच
पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनसे मिली जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
री-एग्जाम के दौरान बढ़ाई गई थी सुरक्षा
NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद प्रतिरूपण के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई किए जाने के कारण कथित फर्जीवाड़े को रोका जा सका और मामले की गहन जांच जारी है।
जांच के बाद हो सकते हैं और खुलासे
प्रशासन का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह एक संगठित सॉल्वर गैंग का हिस्सा था या अलग-अलग स्तर पर धोखाधड़ी की कोशिश की गई थी।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।





