
नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स (BRICS) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने दुनिया के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सुरक्षा के मायने बदल गए हैं।
सुरक्षा के नए और जटिल खतरे
अजीत डोभाल ने स्पष्ट किया कि आजकल की सुरक्षा चुनौतियां केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर खतरे और आतंकवाद के नए व खतरनाक रूप सामने आए हैं। डोभाल ने जोर देकर कहा कि पारंपरिक तरीके इन आधुनिक खतरों से निपटने के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वैश्विक स्तर के सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत अजीत डोभाल द्वारा अन्य देशों के प्रतिनिधियों के स्वागत के साथ हुई, जिनमें चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रूस के सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु प्रमुख रूप से शामिल थे।
‘बहुपक्षवाद का घटता प्रभाव’
अजीत डोभाल ने कहा कि दुनिया इस समय बहुत ही कठिन और उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही है। सैन्य संघर्ष, आर्थिक दबाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं वैश्विक शांति के लिए खतरा बन गई हैं। उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थागत तंत्र इन समस्याओं को सुलझाने में कमजोर पड़ रहे हैं और बहुपक्षवाद (Multilateralism) का प्रभाव घट रहा है।
इस बैठक में ब्रिक्स के दो संयुक्त कार्य समूहों के परिणामों पर भी समीक्षा की जाएगी, जो विशेष रूप से आतंकवाद का मुकाबला करने और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित उपयोग पर केंद्रित हैं।





