ईरान का इज़राइल पर ताजा मिसाइल हमला, युद्धविराम पर मंडराया संकट; ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा

Iran Israel Conflict: अप्रैल में लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बाद सोमवार को ईरान ने इज़राइल पर मिसाइलों की नई बौछार कर दी। यह संघर्ष विराम लागू होने के बाद ईरान का पहला प्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है, जिससे मध्य पूर्व में एक बार फिर बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले इज़राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमला किया था। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्र में चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को पटरी से उतार सकती है और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
#Breaking Major escalation Iran fires Ballistic missiles on Israel, Israel responds, .@POTUS makes a final ditch efforts to get the peace talks to resume but we seem headed for a final Iran showdown and further geopolitical disruption pic.twitter.com/YvZ967YZTH
— Saurabh Shukla सौरभ शुक्ल (@isaurabhshukla) June 7, 2026
ईरान ने हमले की पुष्टि की
ईरानी सेना ने मिसाइल हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हालिया घटनाओं के जवाब में की गई है। हमले के साथ ही ईरान ने अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया, ताकि संभावित इज़राइली जवाबी कार्रवाई की स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तनाव बढ़ने के बीच इराक और सीरिया ने भी अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड की चेतावनी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि यदि इज़राइल की ओर से आगे भी आक्रामक कार्रवाई जारी रहती है तो ईरान की प्रतिक्रिया और व्यापक होगी।
बयान में कहा गया कि भविष्य में किसी भी हमले की स्थिति में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़राइली हितों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
इज़राइल में गूंजे सायरन
मिसाइल हमले के बाद इज़राइल के कई शहरों में एयर रेड सायरन बजने लगे और लाखों लोगों को बंकरों तथा सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी।
इज़राइली सेना के अनुसार, देश पर कम से कम तीन अलग-अलग चरणों में मिसाइलें दागी गईं। वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया, हालांकि उत्तरी इज़राइल में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइली एयर डिफेंस सिस्टम ने कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया।
इज़राइल ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
इज़राइली सैन्य अधिकारियों ने ईरान के हमले को गंभीर उकसावा बताया है।
सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने एक बड़ी गलती की है और उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।
वहीं, सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जामिर ने कहा कि सैन्य बल किसी भी संभावित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आदेश मिलते ही जवाब दिया जाएगा।
ट्रंप ने तनाव कम करने की अपील की
हालांकि इज़राइल की ओर से सख्त बयान सामने आए हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने इज़राइली नेतृत्व को सलाह दी कि तत्काल जवाबी हमला करने के बजाय कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।
अमेरिकी प्रशासन को आशंका है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही बातचीत प्रभावित हो सकती है और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।
बेरूत हमले से बढ़ा तनाव
इज़राइल का बेरूत पर हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इज़राइल के बीच संघर्ष विराम को लेकर बातचीत चल रही थी।
हालांकि, हिज्बुल्लाह ने इस समझौते को स्वीकार नहीं किया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इज़राइली हमले में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें दो लोगों की मौत हुई और कम से कम 20 अन्य घायल हो गए।
क्षेत्रीय शांति प्रयासों पर संकट
विश्लेषकों का मानना है कि ताजा घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में शांति बहाली के प्रयासों को गंभीर झटका पहुंचाया है। इज़राइल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष, ईरान की भूमिका और अमेरिका की कूटनीतिक पहल अब नए दबाव में आ गई है।
ईरान लगातार यह कहता रहा है कि किसी भी दीर्घकालिक समझौते में लेबनान में जारी संघर्ष को समाप्त करना शामिल होना चाहिए। वहीं इज़राइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
मौजूदा हालात में पूरे क्षेत्र की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इज़राइल किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और क्या कूटनीतिक प्रयास इस संकट को बड़े युद्ध में बदलने से रोक पाएंगे।





