परमाणु कचरे के स्थायी भंडारण की दिशा में बड़ा कदम, फिनलैंड तैयार

फिनलैंड दुनिया का पहला ऐसा देश बनने की तैयारी कर रहा है, जहां इस्तेमाल किए जा चुके परमाणु ईंधन (न्यूक्लियर वेस्ट) को स्थायी रूप से भूमिगत सुरक्षित रखा जाएगा। यह परमाणु कचरे के प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस उद्देश्य के लिए फिनलैंड के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र यूरायोकी में जमीन के लगभग 433 मीटर नीचे ओन्कालो (Onkalo) नामक विशेष भंडारण केंद्र बनाया गया है। यह केंद्र परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से निकलने वाले अत्यधिक रेडियोधर्मी कचरे को हजारों वर्षों तक सुरक्षित रखने के लिए तैयार किया गया है।
फिनलैंड की परमाणु सुरक्षा नियामक संस्था Finnish Radiation and Nuclear Safety Authority जून में इस परियोजना की अंतिम समीक्षा पूरी कर सकती है। मंजूरी मिलने पर यह केंद्र 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में परमाणु कचरा स्वीकार करना शुरू कर सकता है।
इस परियोजना का विकास Posiva ने किया है। इसका निर्माण वर्ष 2004 में शुरू हुआ था और इसकी लागत करीब 1.16 अरब डॉलर बताई जाती है। भंडारण केंद्र में फिनलैंड के पांच परमाणु रिएक्टरों से निकलने वाले लगभग 6,500 टन इस्तेमाल किए गए परमाणु ईंधन को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, परमाणु कचरे को जंग-रोधी तांबे के कंटेनरों में बंद किया जाएगा। इसके बाद इन्हें गहरी चट्टानों के बीच रखा जाएगा और चारों ओर विशेष मिट्टी (बेंटोनाइट क्ले) तथा मजबूत कंक्रीट से सील कर दिया जाएगा।
जब यह भंडारण केंद्र पूरी तरह भर जाएगा, तो इसे स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह कम से कम 1 लाख वर्षों तक परमाणु कचरे को सुरक्षित रखने में सक्षम रहे।





