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यूपी में बिजली कटौती पर सियासत तेज, अखिलेश यादव का योगी सरकार पर बड़ा हमला

उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने बुधवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर निशाना साधते हुए राज्य सरकार पर बिजली व्यवस्था संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगले चुनाव में जनता बीजेपी को करारा जवाब देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री Arvind Kumar Sharma के बीच तालमेल पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह साफ किया जाए कि ऊर्जा मंत्री मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं या उन्हें बुलाया ही नहीं जाता। अखिलेश ने कहा कि अगर दोनों साथ बैठते हैं तो जनता के सामने उनकी तस्वीर भी आनी चाहिए, क्योंकि लोगों ने दोनों को कभी साथ नहीं देखा।

सपा प्रमुख ने बिजली कटौती से नाराज़ लोगों के बीच बिजली उपकेंद्रों पर PAC की तैनाती को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जनता की समस्याएं हल करने के बजाय लोगों के गुस्से से बचने की कोशिश कर रही है। वहीं दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली आपूर्ति को लेकर अपने कामकाज का बचाव किया है। सरकार का कहना है कि राज्य में बिजली वितरण के नए रिकॉर्ड बनाए गए हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली की खपत 113 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है। यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (UPSLDC) के अनुसार, वर्ष 2012-13 में जहां वार्षिक बिजली खपत 76,574.6 मिलियन यूनिट थी, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 1,62,858.1 मिलियन यूनिट पहुंच गई।

राज्य सरकार का दावा है कि बढ़ती आबादी, नए उपभोक्ताओं और ज्यादा समय तक बिजली आपूर्ति के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बीच, भीषण गर्मी के दौरान 24 मई को उत्तर प्रदेश में 31,824 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग पूरी की गई। सरकार ने दावा किया कि यह किसी भी राज्य द्वारा अब तक की सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति है।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश बिजली आपूर्ति के मामले में नए रिकॉर्ड बना रहा है और राज्य की बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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