NEET 2026 पेपर लीक का बड़ा खुलासा, NTA के अंदर से लीक हुए थे सवाल; 5 राज्यों में फैला था नेटवर्क

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। अब CBI जांच में पता चला है कि पेपर लीक का नेटवर्क सिर्फ बिचौलियों तक सीमित नहीं था, बल्कि National Testing Agency (NTA) के अंदर तक पहुंच चुका था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, दो अलग-अलग सेट के सवाल NTA की पेपर तैयार करने वाली समिति से लीक किए गए और फिर उन्हें कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया।
5 राज्यों में फैला था नेटवर्क
CBI ने अब तक इस मामले में पांच राज्यों से नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क तीन स्तरों पर काम कर रहा था।
पहला स्तर उन लोगों का था जिनके पास प्रश्नपत्र तक सीधी पहुंच थी। दूसरा स्तर ऐसे लोगों का था जो छात्रों और आरोपियों के बीच संपर्क कराते थे। तीसरा स्तर बिचौलियों का था, जो सवाल बेचने और फैलाने का काम करते थे।
NTA के अंदरूनी लोगों पर आरोप
CBI ने पुणे की वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे और पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। दोनों NEET-UG 2026 की पेपर तैयार करने वाली समिति में शामिल थे।
जांच एजेंसी के मुताबिक मंधारे के पास बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से कई हफ्ते पहले ही चुनिंदा छात्रों को सवाल बताने शुरू कर दिए थे।
घर पर चलती थीं विशेष कक्षाएं
CBI के अनुसार मंधारे अपने पुणे स्थित घर पर छात्रों को बुलाकर विशेष कक्षाएं चलाती थीं। यहां छात्रों को संभावित सवाल नोट करवाए जाते थे और किताबों में जवाब चिन्हित करवाए जाते थे।
जांच में सामने आया कि इनमें से कई सवाल असली NEET परीक्षा में पूछे गए थे।
WhatsApp और Telegram से फैलाया गया पेपर
जांच एजेंसियों के मुताबिक लीक हुए सवाल पहले हस्तलिखित नोट्स के रूप में तैयार किए गए। बाद में इन्हें PDF में बदलकर WhatsApp और Telegram समूहों के जरिए फैलाया गया।
CBI का कहना है कि यह सामग्री कई राज्यों में बिचौलियों के जरिए पहुंचाई गई और लाखों रुपये में बेची गई।
10 लाख रुपये में हुआ था सौदा
जांच में सामने आया है कि गुरुग्राम के यश यादव ने यह पेपर सेट राजस्थान के मंगीलाल बिवाल को 10 लाख रुपये में बेचा था।
बताया जा रहा है कि सौदा इस शर्त पर हुआ था कि कम से कम 150 सवाल असली पेपर से मेल खाने चाहिए। बाद में इन सवालों की छपी हुई प्रतियां छात्रों और परिचितों में बांटी गईं।
ब्यूटी पार्लर संचालिका भी जांच के घेरे में
CBI ने पुणे की ब्यूटी पार्लर संचालिका मनीषा वाघमारे को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक वह छात्रों को NTA के अंदरूनी लोगों से जोड़ने का काम करती थीं।
आरोप है कि उनके पास परीक्षा से करीब एक हफ्ते पहले ही पेपर पहुंच गया था।
22 लाख से ज्यादा छात्रों पर असर
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद 22 लाख से ज्यादा छात्रों पर असर पड़ा है। अब NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी।
CBI अब NTA की पूरी पेपर तैयार करने वाली समिति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।





