सिर्फ 15 साल की उम्र में टेस्ट टीम के लिए तैयार वैभव? मेंटर ने रखी बड़ी मांग

भारतीय क्रिकेट में इन दिनों 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का नाम तेजी से चर्चा में है। शानदार प्रदर्शन के बाद अब उनके भारत के लिए डेब्यू की मांग और तेज हो गई है। हाल ही में उनके मेंटर और राजस्थान रॉयल्स से जोड़ने वाले जुबिन भरूचा ने भी कहा है कि वैभव को जल्द भारतीय टीम में मौका मिलना चाहिए।
वैभव सूर्यवंशी ने अब तक ज्यादातर टी20 क्रिकेट खेला है और कुछ वनडे मैचों में भी नजर आए हैं। हालांकि, रेड बॉल क्रिकेट यानी फर्स्ट क्लास और टेस्ट फॉर्मेट में उनका अनुभव अभी काफी कम है। उन्होंने अब तक सिर्फ 8 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, लेकिन कुछ यूथ टेस्ट मुकाबलों में भी हिस्सा लिया है।
इसके बावजूद जुबिन भरूचा का मानना है कि वैभव में खास प्रतिभा है और भारतीय क्रिकेट बोर्ड को उन पर भरोसा दिखाना चाहिए। उन्होंने 1989 का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह सचिन तेंदुलकर को कम उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू दिया गया था, उसी तरह वैभव को भी मौका मिल सकता है।
भरूचा ने Wisden से बातचीत में कहा, “अगर आप रन, स्ट्राइक रेट और प्रदर्शन के आधार पर देखें तो वैभव पहले से कई खिलाड़ियों से आगे हैं, जो टीम में जगह पाने का इंतजार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि अब चयनकर्ताओं को उन पर भरोसा दिखाना चाहिए।”
हालांकि, भरूचा का मानना है कि वैभव सिर्फ ओपनिंग बल्लेबाज नहीं हैं। उनके मुताबिक, वैभव का असली टैलेंट मिडिल ऑर्डर में ज्यादा निखर सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें नंबर 5 या 6 पर खिलाना बेहतर रहेगा, जहां वह पुरानी गेंद के खिलाफ तेजी से रन बना सकते हैं और धीरे-धीरे नई गेंद को संभालना भी सीख सकते हैं।
भरूचा ने वैभव की तकनीक को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज अभी ज्यादा बैकफुट पर खेलते हैं और उन्हें मूव करती गेंद को बेहतर तरीके से खेलना सीखना होगा। विदेशी परिस्थितियों, खासकर इंग्लैंड जैसी जगहों पर बल्लेबाजी करना उनके लिए चुनौती हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा, “अगर वैभव समय के साथ स्विंग और सीम गेंदबाजी को समझना सीख जाते हैं, तो वह भविष्य में टॉप ऑर्डर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक किसी भी भूमिका में सफल हो सकते हैं।” फिलहाल, क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उतरने से पहले उन्हें रेड बॉल क्रिकेट में और अनुभव जुटाने की जरूरत है।





