जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: आतंकवादियों को रसद पहुंचाने वाले 4 ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ गिरफ्तार

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की साजिशों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्र शासित प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में पुलिस ने आतंकवादियों को रसद (logistic support) और अन्य सहायता प्रदान करने के आरोप में चार ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को गिरफ्तार किया है।
हजरतबल इलाके से हुई गिरफ्तारी
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई बुधवार (22 अप्रैल, 2026) की रात को श्रीनगर के हजरतबल इलाके में की गई। सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को सहायता पहुंचा रहे हैं। इसी आधार पर की गई छापेमारी के दौरान इन चारों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
1. जहूर अहमद मीर
2. बशीर अहमद भट
3. गुलाम मोहम्मद भट
(चौथी आरोपी एक महिला है, जिसकी पहचान सुरक्षा कारणों और जांच के चलते महत्वपूर्ण मानी जा रही है।)
क्या होते हैं ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs)?
आतंकवाद विरोधी अभियानों में ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है जो सीधे हथियार तो नहीं उठाते, लेकिन आतंकियों के लिए आंख और कान का काम करते हैं। इनका मुख्य काम आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराना, उनके लिए भोजन और रसद का इंतजाम करना, सुरक्षा बलों की आवाजाही की सूचना देना और उनके लिए फंड जुटाना होता है।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है। पकड़े गए व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके आकाओं और भविष्य की संभावित साजिशों का पर्दाफाश किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए इस तरह के सपोर्ट सिस्टम को ध्वस्त करना अनिवार्य है।





