खड़गे के ‘टेररिस्ट’ बयान से मचा सियासी तूफान, BJP ने चुनाव आयोग में की शिकायत

New Delhi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए एक बयान को लेकर देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस टिप्पणी के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं और मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है।
खरगे के बयान से शुरू हुआ विवाद
तमिलनाडु के चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करते हुए “टेररिस्ट” शब्द का इस्तेमाल किया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
बाद में खरगे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा प्रधानमंत्री को “आतंकवादी” कहने का नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब “डराना या दबाव डालना” (terrorising) था। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार की एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
BJP की कड़ी प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग में शिकायत
बीजेपी ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और राजनीतिक स्तर को गिराती है।
बीजेपी ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि:
- खरगे के खिलाफ कानूनी और नियामक कार्रवाई हो
- चुनाव आचार संहिता के तहत जांच की जाए
- उनके प्रचार पर उचित प्रतिबंध लगाया जाए
- बयान को मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए
- सार्वजनिक माफी या स्पष्टीकरण लिया जाए
अमित शाह और बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिरा रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला कर रही है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्षों में आतंकवाद पर सख्त नियंत्रण किया है और ऐसे बयान न केवल प्रधानमंत्री का बल्कि जनता के जनादेश का भी अपमान हैं।
बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी इस टिप्पणी को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ और बेहद आपत्तिजनक बताया।
चुनाव आयोग करेगा समीक्षा
चुनाव आयोग ने शिकायत प्राप्त कर ली है और अब इस बात की समीक्षा कर सकता है कि क्या यह बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है। आगे की कार्रवाई आयोग की जांच और निर्णय पर निर्भर करेगी।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस विवाद ने चुनावी माहौल में राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।





