खड़गे के बयान से सियासी बवाल, पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद दी सफाई

मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए अपने बयान से विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के बीजेपी के साथ जाने पर सवाल उठाते हुए कड़ी टिप्पणी की।
मीडिया से बातचीत में खड़गे ने कहा कि एआईएडीएमके, जो अन्नादुरई की विचारधारा की बात करती है, वह पीएम मोदी के साथ कैसे जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गठजोड़ से लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो बीजेपी के सामने झुकें नहीं।
हालांकि, अपने बयान पर बढ़ते विवाद के बाद खड़गे ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका मतलब प्रधानमंत्री को “आतंकवादी” कहना नहीं था, बल्कि उनका कहना था कि पीएम मोदी लोगों और राजनीतिक दलों पर दबाव बनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ED, आयकर विभाग और CBI जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
खड़गे ने प्रधानमंत्री पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि संसद में संविधान संशोधन विधेयक पास न होने के बाद पीएम का देश को संबोधित करना गलत था। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग बीजेपी के प्रभाव में काम कर रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक का कांग्रेस ने समर्थन किया था, लेकिन अब इसे लेकर अलग तरह की बात कही जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने खड़गे के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रही है। कुल मिलाकर, खड़गे के बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है और बीजेपी-कांग्रेस के बीच बयानबाजी और भी बढ़ती नजर आ रही है।





