Lenskart शोरूम में BJP नेता का विरोध, ड्रेस कोड विवाद पर बढ़ा बवाल

मुंबई में एक लेंसकार्ट शोरूम के भीतर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता Nazia Elahi Khan अपने समर्थकों के साथ पहुंचीं और कंपनी के कथित ड्रेस कोड को लेकर कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए।
शोरूम के अंदर हुआ तीखा संवाद
जानकारी के अनुसार, नेता ने स्टोर में मौजूद कर्मचारियों और फ्लोर मैनेजर से यह पूछताछ की कि क्या कार्यस्थल पर धार्मिक प्रतीकों जैसे तिलक और बिंदी पर रोक लगाई गई है। इस दौरान उन्होंने कुछ कर्मचारियों को तिलक लगाया और हाथ में पवित्र धागा भी बांधा, साथ ही नारेबाजी भी की गई।
घटना के दौरान उन्होंने एक कर्मचारी से यह भी सवाल किया कि क्या किसी विशेष धर्म के कारण तिलक पर रोक लगाई गई है, और क्या मैनेजर की नियुक्ति में धर्म की भूमिका रही है।
View this post on Instagram
सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब Lenskart से जुड़ा एक कथित आंतरिक दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें दावा किया गया कि कार्यस्थल पर तिलक और बिंदी जैसे हिंदू प्रतीकों पर रोक है, जबकि अन्य धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी गई है।
इस दावे के सामने आने के बाद ऑनलाइन और राजनीतिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कंपनी का स्पष्टीकरण: पुराना दस्तावेज, वर्तमान नीति नहीं
विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट के CEO Peyush Bansal ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना है और कंपनी की मौजूदा नीति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने इसे एक पुराने ट्रेनिंग नोट से जुड़ा बताया, जिसे बाद में संशोधित किया जा चुका है।
नई गाइडलाइन में सभी धार्मिक प्रतीकों को अनुमति
कंपनी ने अपने अपडेटेड बयान में स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को कार्यस्थल पर अपनी आस्था और सांस्कृतिक पहचान व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता है। इसमें तिलक, बिंदी, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी गई है और किसी भी धर्म के आधार पर भेदभाव से इनकार किया गया है।





