अमेरिका-ईरान संबंधों में नाजुक दौर, ट्रंप ने दी ‘अंतिम चेतावनी’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ “नए और अधिक समझदार शासन” के तहत गंभीर वार्ता कर रहा है। उन्होंने इस बात का संकेत दिया कि संभावित कूटनीतिक प्रगति हो सकती है, जबकि क्षेत्र में सैन्य तनाव बना हुआ है।
ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच “महान प्रगति” हुई है, जिससे अमेरिका के सैन्य अभियान को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़े हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्दी कोई समझौता नहीं हुआ और स्ट्रेट ऑफ हर्मुज़ (Hormuz Strait) को वैश्विक व्यापार के लिए तुरंत नहीं खोला गया, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई कर सकता है।
ट्रंप ने कहा कि अब तक अमेरिका ने ईरान की महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैसे बिजलीघर, तेल कुएँ और खार्ग द्वीप की सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया है। लेकिन अगर वार्ता विफल होती है, तो ये सभी “पूरी तरह नष्ट” किए जा सकते हैं।
पूर्व राष्ट्रपति ने इसे उन ईरानी हमलों का प्रतिशोध बताया, जिनमें पिछले दशकों में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को “47 साल का आतंक का शासन” करार दिया।
यह बयान मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, विशेषकर स्ट्रेट ऑफ हर्मुज़ के आसपास, के समय आया है। यह मार्ग वैश्विक तेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है, और यहां रुकावट होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। ईरानी अधिकारियों की ओर से अभी तक “नए शासन” के साथ हुई वार्ता पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, और यह साफ नहीं है कि बातचीत में कौन शामिल है।
विश्लेषक कहते हैं कि ट्रंप का बयान संभावित कूटनीतिक राह और चेतावनी दोनों दर्शाता है, जो अमेरिका-ईरान संबंधों की नाजुक और अस्थिर स्थिति को स्पष्ट करता है।





