
मार्च का महीना आमतौर पर गर्मियों की दस्तक माना जाता है, लेकिन इस साल दिल्ली-एनसीआर का मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से जारी हल्की ठंडक और सुहावनी सुबह के बीच अब झमाझम बारिश की तैयारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम अनुमानों ने राजधानी के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान: सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा असर दिल्ली की हवाओं पर पड़ेगा।
• 26 मार्च और 27 मार्च: इन दो दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जैसी स्थिति बनी हुई है। आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) भी चल सकती हैं।
• तापमान में गिरावट: बारिश के चलते अधिकतम तापमान, जो फिलहाल 33°C के आसपास है, गिरकर 28°C से 30°C तक आ सकता है। इससे दिल्लीवासियों को एक बार फिर से ‘विंटर-लाइक चिल’ यानी हल्की गुलाबी ठंड का अहसास होगा।
पूरे हफ्ते का हाल: बादलों की आवाजाही जारी
केवल अगले दो दिन ही नहीं, बल्कि पूरा हफ्ता मौसम के उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है:
• 28 मार्च: बारिश के बाद आसमान साफ होने लगेगा, लेकिन आंशिक रूप से बादल बने रहेंगे।
• 29 मार्च: रविवार को एक बार फिर बादलों की वापसी हो सकती है, जिससे हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
• नमी का स्तर: अगले कुछ दिनों तक हवा में आर्द्रता (Humidity) का स्तर 50% से 85% के उच्च स्तर पर बना रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी के बजाय मौसम में ठंडक घुली रहेगी।
कृषि और आम जनजीवन पर असर
बेमौसम बारिश जहां चिलचिलाती धूप से राहत लेकर आई है, वहीं इसके कुछ अन्य पहलू भी हैं:
• यातायात: 26 और 27 मार्च को होने वाली बारिश के कारण जलभराव (Waterlogging) और दफ्तर जाने वालों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है।
• स्वास्थ्य चेतावनी: मौसम में अचानक आ रहे इस बदलाव (कभी धूप, कभी बारिश) के कारण वायरल इंफेक्शन और फ्लू का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि ठंडी चीजों के सेवन से बचें और शरीर को तापमान के अनुसार ढालें।





