महाराष्ट्र से 25 तेंदुए वंतारा भेजे गए; बाघों की संख्या बढ़कर 444 हुई

Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ती तेंदुओं की आबादी और मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वन मंत्री Ganesh Naik ने विधानसभा में घोषणा की कि 25 तेंदुओं को गुजरात के जामनगर स्थित Vantara में स्थानांतरित किया गया है, जिसे Reliance Foundation संचालित करता है।
स्थानांतरण की आवश्यकता क्यों पड़ी?
पिछले एक दशक में महाराष्ट्र में तेंदुओं की आबादी चार गुना बढ़ी है। अकेले पुणे जिले में ही लगभग 150 तेंदुए पकड़े गए। इसके अलावा, राज्य में बाघों की संख्या भी 101 से बढ़कर 444 हो गई है।
इस बढ़ती आबादी के कारण रिहायशी इलाकों में तेंदुओं की आवाजाही और मानव-तेंदुआ संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिसके चलते वैज्ञानिक प्रबंधन के तहत यह कदम उठाया गया।
कानूनी बदलाव और भविष्य की योजनाएं
इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विधानसभा ने Wildlife Protection Act में संशोधन किया है।
- अधिकारों का विकेंद्रीकरण: अब केंद्र की अनुमति के बिना, राज्य स्तर पर मुख्य वन्यजीव वार्डन जरूरी फैसले ले सकेंगे।
- सफारी विस्तार: सरकार हर जिले में तेंदुआ और बाघ सफारी शुरू करने की योजना बना रही है।
मंत्री नाईक ने स्पष्ट किया कि इस कानून का उद्देश्य केवल संरक्षण है और किसी भी हालत में तेंदुओं को मारने की अनुमति नहीं होगी। सरकार और रिलायंस फाउंडेशन के बीच 50 तेंदुओं को वंतारा भेजने का समझौता हुआ है, जिनमें से 25 को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है।





