गुजरात में लगातार तीन भूकंप, लोग घरों से बाहर निकले

गुजरात में गुरुवार को चार घंटे के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिन्होंने लोगों में डर और खलबली मचा दी। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्के झटकों के कारण कई लोग घरों से बाहर निकल आए, लेकिन किसी भी जगह जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
झटकों का सिलसिला दाहोद से हुआ शुरू
झटकों का सिलसिला दाहोद जिले से शुरू हुआ। सुबह 11:55 बजे रिक्टर स्केल पर 2.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र दाहोद शहर से करीब 34 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण दिशा में था। तीव्रता कम होने के कारण ज्यादातर लोग इसे महसूस नहीं कर पाए, लेकिन जिन्होंने महसूस किया, वे सतर्क होकर बाहर आ गए।
भचुआ क्षेत्र में दूसरा झटका
लगभग दो घंटे बाद दोपहर 1:43 बजे कच्छ जिले के भचुआ क्षेत्र में दूसरा झटका आया। इसकी तीव्रता 3.4 रही और इसका केंद्र भचाऊ से 12 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप-संवेदनशील कच्छ क्षेत्र के निवासी तुरंत सतर्क हो गए।
बोटाद जिले में तीसरा झटका
तीसरा झटका दोपहर 3:08 बजे बोटाद जिले में महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता भी 3.4 रही और इसका केंद्र बोटाद शहर से 28 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। लगातार तीन झटकों के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू की और अलर्ट जारी कर दिया।
बनासकांठा जिले में एक और झटका
इसके अलावा शनिवार की सुबह उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले के वाव के पास 3.4 तीव्रता का एक और झटका आया। सुबह 3:35 बजे दर्ज इस झटके का केंद्र वाव से 27 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में 4.9 किलोमीटर की गहराई में था। जिला प्रशासन ने बताया कि इस झटके से भी किसी को कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ।
26 जनवरी 2001 को आया था भयंकर भूकंप
गुजरात भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। पिछले 200 वर्षों में यहां नौ बड़े भूकंप आए हैं।
26 जनवरी 2001 को कच्छ में आए भूकंप को पिछले दो शताब्दियों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप माना गया। उस समय कई कस्बों और गांवों में लगभग पूर्ण तबाही हुई, करीब 13,800 लोगों की जान गई और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।





