अश्विनी बिद्रे हत्याकांड: परिवार ने राष्ट्रपति और CJI से इच्छामृत्यु की मांगी अनुमति

महिला पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे की हत्या के मामले में उनके परिवार ने एक गंभीर और भावुक कदम उठाया है। परिवार ने न्याय और सरकारी दस्तावेज़ों के लिए संघर्ष करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और देश के मुख्य न्यायाधीश से अपनी इच्छा से जीवन समाप्त करने की अनुमति मांगी है। परिवार का आरोप है कि हत्या साबित होने के बावजूद प्रशासन अब तक उन्हें आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है।
अश्विनी के पति राजू गोरे ने बताया कि हत्याकांड का फैसला आए एक साल हो गया है, लेकिन उन्हें अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें उनकी पत्नी के सेवाकाल के दौरान मिलने वाले लाभों से भी वंचित रखा है। इसके अलावा, राजू गोरे अपनी पत्नी के बैंक लॉकर में रखे पैसे भी नहीं निकाल पा रहे हैं क्योंकि उनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं।
राजू गोरे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार के किसी भी विभाग ने उनकी शिकायत नहीं सुनी। हर जगह निराशा मिलने के बाद उन्होंने मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि जब सरकार उन्हें उनका हक नहीं दे सकती, तो उन्हें जीवन समाप्त करने की अनुमति दी जाए।
अश्विनी बिद्रे की हत्या का मामला लगभग दस साल पुराना है। यह केस पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और जांच की खामियों का बड़ा उदाहरण माना जाता है। अश्विनी को एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता था और उनकी हत्या ने पूरे महाराष्ट्र को हिला कर रख दिया था।





