कानपुर लैम्बोर्गिनी हादसा: मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार

कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. पुलिस ने इस केस के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं आज 12 फरवरी को पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने जा रही है.
यह वही संवेदनशील मामला है जिसमें चार दिन पहले, 8 फरवरी को करोड़ों रुपये कीमत की लैम्बोर्गिनी कार वीआईपी रोड पर बेकाबू होकर कई लोगों को टक्कर मार गई थी. पुलिस की प्रारंभिक जाँच और सीसीटीवी फुटेज से संकेत मिले थे कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहे थे, हालाँकि उनके पक्ष की ओर से लगातार यह दावा किया जाता रहा कि कार ड्राइवर चला रहा था.
ड्राइवर मोहन का दावा और पुलिस की जाँच
इस मामले में बुधवार, 11 फरवरी को अदालत में मोहन नामक व्यक्ति ने दावा किया था कि हादसे के समय कार वही चला रहा था, न कि कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा. लेकिन पुलिस की तकनीकी जाँच और साक्ष्यों के आधार पर अब शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है.
तेज़ रफ़्तार में बेकाबू हुई थी कार
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक कार बेहद तेज़ रफ़्तार में थी और चालक का नियंत्रण पूरी तरह खो गया था. दुर्घटना के तुरंत बाद यह सवाल उठने लगा था कि आखिर कार चला कौन रहा था. शुरुआत में परिवार की ओर से कहा गया कि ड्राइवर मोहन कार चला रहा था और मोहन ने भी अदालत में यही बयान दिया था.
सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्य
लेकिन पुलिस की जाँच एक अलग दिशा में बढ़ती गई. तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत समीक्षा के बाद जाँच दल ने पाया कि दुर्घटना के समय कार की ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही बैठे थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि हादसे के बाद कार से बाहर निकलने वाला व्यक्ति शिवम जैसा ही नज़र आता है.
व्यापक जाँच के बाद गिरफ्तारी
पुलिस ने पिछले तीन-चार दिनों में घटनास्थल की मैपिंग, डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गाड़ी के अंदर मिले फॉरेंसिक संकेतों को आधार बनाकर कार्रवाई तेज़ की. इसके बाद बुधवार को शिवम को हिरासत में ले लिया गया.
अदालत में कस्टडी रिमांड की माँग संभव
आज अदालत में पेशी के दौरान पुलिस उनकी कस्टडी रिमांड की माँग कर सकती है, ताकि दुर्घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जाँच की जा सके. जैसे कि घटना से पहले क्या हुआ, कार किसके निर्देश पर चलाई गई और ड्राइवर मोहन के बयान में विरोधाभास क्यों पाए गए.





