बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव, 13 फरवरी को आएंगे नतीजे

बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव आयोग ने बताया है कि मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और नतीजे 13 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। ये चुनाव 2024 में हुए छात्र आंदोलन के करीब 18 महीने बाद हो रहे हैं, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। इसके साथ ही अवामी लीग का लंबे समय से चला आ रहा शासन समाप्त हुआ। इस राजनीतिक बदलाव के बाद देश में सुधारों और लोकतांत्रिक जवाबदेही को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
12.77 करोड़ से ज्यादा मतदाता, 299 सीटों पर चुनाव
इस चुनाव में 12.77 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 300 में से 299 संसदीय सीटों पर मतदान होगा, जबकि एक सीट पर उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया है। मतदाताओं में करीब 6.48 करोड़ पुरुष और 6.28 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगा। देशभर में 42,779 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी होगा
सांसदों के चुनाव के साथ-साथ मतदाता एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह में भी हिस्सा लेंगे। इसमें प्रस्तावित ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर राय ली जाएगी, जिसमें संवैधानिक और संस्थागत सुधारों का खाका पेश किया गया है।
प्रचार खत्म, अब मतदान पर नजर
20 दिनों का चुनाव प्रचार मतदान से एक दिन पहले समाप्त हो गया। इस चुनाव में 50 पंजीकृत राजनीतिक दलों के 1,755 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 273 उम्मीदवार निर्दलीय हैं। कुल 83 महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं। मुख्य सलाहकार प्रो. मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम संदेश में लोगों से मतदान को “नए बांग्लादेश का जन्मदिन” बताते हुए लोकतांत्रिक भविष्य तय करने की अपील की।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव आयोग के अनुसार कानून-व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक है। पुलिस ने तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, जिसमें मतदान केंद्रों पर स्थायी बल, मोबाइल पेट्रोलिंग और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें शामिल हैं। कुल 1.87 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी चुनाव ड्यूटी में तैनात किए गए हैं।
यूरोपीय संघ के चुनाव पर्यवेक्षक मिशन ने चुनाव से पहले के माहौल को सकारात्मक बताया है और इसे लोकतांत्रिक बदलाव का अवसर करार दिया है।
कड़ा मुकाबला और क्षेत्रीय नजरें
मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाले गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी के बीच माना जा रहा है। कुछ इलाकों में अल्पसंख्यक समुदायों ने चुनाव के बाद की स्थिति को लेकर चिंता जताई है, हालांकि कई जिलों में लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दक्षिण एशिया में बांग्लादेश की अहम भूमिका को देखते हुए इन चुनावों पर पड़ोसी देशों, खासकर भारत, की भी करीबी नजर है। इसे बांग्लादेश की लोकतांत्रिक यात्रा का अहम पड़ाव माना जा रहा है।





