वैश्विक संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, IMF ने बढ़ाया ग्रोथ अनुमान

दुनिया में चल रही आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ती दिख रही है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के ताज़ा वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था 2025 में 7.3% की दर से बढ़ने का अनुमान है। इसके बाद 2026 और 2027 में ग्रोथ 6.4% रहने की संभावना जताई गई है।
IMF की यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब दुनिया के कई बड़े देश आर्थिक सुस्ती और महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में भारत की तेज़ विकास दर वैश्विक स्तर पर एक मजबूत उदाहरण पेश कर रही है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी केयरएज की रिपोर्ट भी सामने आई थी, जिसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP करीब 7% की दर से बढ़ सकती है। यानी दो दिनों के भीतर देश की अर्थव्यवस्था को लेकर दो बड़ी सकारात्मक खबरें आई हैं।
IMF ने FY 2025-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है, बेहतर आर्थिक प्रदर्शन और मज़बूत रफ्तार इसका कारण है।#IndiaGrowth #IMFReport pic.twitter.com/uAohcHtqxm
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) January 19, 2026
IMF के अनुसार, भारत की तेज़ ग्रोथ के पीछे कई अहम कारण हैं। देश में लोकल डिमांड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं में निवेश बढ़ाया है, वहीं प्राइवेट कंपनियां भी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर ज्यादा खर्च कर रही हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिससे महंगाई पर दबाव कम हुआ। इसके अलावा, बदलती ट्रेड पॉलिसी से निवेश का माहौल और मजबूत हुआ है।
IMF के अनुमान के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था 2026 में लगभग 2.4%, चीन की 4.5% और यूरो क्षेत्र की केवल 1.3% की दर से बढ़ सकती है। वहीं, अन्य विकासशील देशों की औसत ग्रोथ करीब 4.2% रहने का अनुमान है। इन आंकड़ों के मुकाबले भारत की विकास दर कहीं ज्यादा मजबूत नजर आती है।
IMF ने बताया कि भारत की 2025 की ग्रोथ दर को 0.7 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.3% किया गया है। यह बढ़ोतरी साल की तीसरी और चौथी तिमाही में उम्मीद से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन के कारण की गई है। कुल मिलाकर, वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था की यह रफ्तार न सिर्फ भरोसा बढ़ाती है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए सकारात्मक संकेत भी देती है।




