25 साल बाद मुंबई BMC में सत्ता परिवर्तन के संकेत, BJP-शिंदे गठबंधन आगे

महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में गुरुवार को BJP के नेतृत्व वाला गठबंधन बड़ी जीत की ओर बढ़ता दिखा। शुरुआती रुझानों में संकेत मिले कि ठाकरे परिवार मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर पिछले 25 साल से चली आ रही अपनी पकड़ खो सकता है। BMC देश की सबसे अमीर नगर निकाय संस्था मानी जाती है।
मुंबई की 227 सीटों वाली BMC में BJP गठबंधन 116 वार्डों में आगे चल रहा है। इनमें से BJP अकेले 88 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 28 वार्डों में आगे है।
वहीं ठाकरे परिवार को इस बार झटका लगता दिख रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 74 वार्डों में और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) 8 वार्डों में आगे है। यानी दोनों मिलकर 82 सीटों पर ही बढ़त बना पाए हैं।
BMC का सालाना बजट 74,400 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इस बार इसके चुनाव नौ साल बाद और चार साल की देरी से हुए हैं। करीब 1,700 उम्मीदवारों ने BMC की 227 सीटों पर चुनाव लड़ा है। पिछला चुनाव 2017 में हुआ था, तब एकजुट शिवसेना ने आसानी से BMC पर कब्जा बनाए रखा था।
पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो भी रुझान BJP गठबंधन के पक्ष में हैं। राज्यभर में BJP 1,212 वार्डों में आगे है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना 305 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस 240 वार्डों में आगे चल रही है, खासकर भिवंडी-निजामपुर, नागपुर और कोल्हापुर में उसके प्रदर्शन में सुधार दिखा है। शिवसेना (UBT) 139 और NCP 127 वार्डों में आगे है।
पुणे में भी मुकाबला अहम रहा, जहां NCP के दोनों गुट — अजित पवार और शरद पवार — ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। यहां भी BJP ने बढ़त बना ली है और 80 सीटों पर आगे है, जबकि NCP के दोनों गुट मिलकर 9 सीटों पर ही आगे चल रहे हैं।
राज्य की 29 नगर निगमों की 893 वार्डों में कुल 2,869 सीटों के लिए मतदान हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, मतदान प्रतिशत 52.94% रहा। कुल 15,931 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जिनमें से 1,700 सिर्फ मुंबई से थे।
मुंबई और पुणे के अलावा ठाणे, नागपुर, नाशिक, कोल्हापुर, सोलापुर, अमरावती, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, मीरा-भायंदर, पिंपरी-चिंचवड़ समेत कई शहरों में मतगणना जारी है।





