बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले जारी, एक और हिंदू की हत्या

बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। सोमवार को जेसोर ज़िले में एक हिंदू व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है। यह घटना दोपहर के समय कोपलिया बाज़ार में हुई, जहां कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। गोली लगते ही राणा प्रताप बैरागी की मौके पर ही मौत हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राणा प्रताप बैरागी जेसोर जिले के अरुआ गांव के रहने वाले थे और एक स्कूल में शिक्षक के रूप में काम करते थे। वह रोज़मर्रा की तरह बाज़ार गए थे, तभी बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
राणा प्रताप बैरागी की हत्या बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदुओं पर हुए हमलों की पांचवीं घटना है। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से देश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इससे पहले 18 दिसंबर को मयमनसिंह में एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपु चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इसके कुछ दिन बाद पांगशा उपजिला में अमृत मंडल नामक एक हिंदू युवक की कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप में lynching कर दी गई।
इसके बाद मयमनसिंह में ही बजेंद्र बिस्वास को गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी महीने की शुरुआत में एक और घटना में खोकोन दास नाम के 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी पर भीड़ ने हमला किया और उन्हें आग के हवाले कर दिया। वह काम से लौट रहे थे। गंभीर रूप से झुलसे खोकोन दास ने कुछ दिन अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष किया, लेकिन 3 जनवरी को उनकी भी मौत हो गई।
इन घटनाओं को लेकर भारत ने पहले ही गहरी चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले महीने कहा था कि बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के अंतरिम शासन के दौरान अल्पसंख्यकों पर 2,900 से ज्यादा हमलों की रिपोर्ट सामने आई है। उन्होंने कहा था कि हिंदू, ईसाई और बौद्ध समुदायों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे इन हमलों ने एक बार फिर वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।





