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बलूचिस्तान गणराज्य ने भारत के विदेश मंत्री को लिखा पत्र, कहा- “बलूच जनता भारत के साथ खड़ी है”

नई दिल्ली/बलूचिस्तान: बलूचिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर कहा है कि बलूचिस्तान की जनता भारत के साथ मजबूती से खड़ी है. मीर यार बलूच ने मई 2025 में पाकिस्तान से “बलूचिस्तान गणराज्य” की स्वतंत्रता की घोषणा की थी.

बलूचिस्तान गणराज्य के बलूच प्रतिनिधि के रूप में लिखे गए इस पत्र में मीर बलूच ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए मोदी सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की है. उन्होंने लिखा, “हम (बलूच लोग) पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के जरिए मोदी सरकार द्वारा की गई साहसिक और दृढ़ कार्रवाइयों की सराहना करते हैं, जिसमें विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवाद केंद्रों को निशाना बनाया गया था और पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ शुरू किया गया था. यह कार्रवाई अनुकरण करने लायक साहस, क्षेत्रीय सुरक्षा और न्याय के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता को दिखाती है.”

उन्होंने आगे लिखा है, “बलूचिस्तान के लोगों ने पिछले 79 साल से पाकिस्तान के कब्जे, सरकार द्वारा पोषित आतंकवाद और गंभीर मानवाधिकार अत्याचारों को सहन किया है. अब समय आ गया है कि इस विकराल पीड़ा को जड़ से खत्म किया जाए और हमारे देश के लिए स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित की जाए. बलूचिस्तान के लोगों की ओर से, हम शांति, समृद्धि, विकास, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों और छिपे हुए खतरों के खात्मे सहित मित्रता, विश्वास और पारस्परिक हितों को बढ़ावा देने में भारत और उसकी सरकार को अपने अटूट समर्थन की पुष्टि करते हैं.”

2026 में मनाया जाएगा “बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमैटिक वीक”

मीर यार बलूच ने घोषणा की है कि बलूचिस्तान गणराज्य 2026 के पहले सप्ताह को “2026 बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमैटिक वीक” मनाएगा. इस पहल के तहत बलूचिस्तान सीधे दुनिया भर के देशों से बात करेगा.

भारत-बलूचिस्तान सहयोग की मांग

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सहयोग को समय की मांग बताते हुए मीर बलूच ने लिखा, “भारत और बलूचिस्तान के सामने खतरे वास्तविक और आसन्न हैं. इसलिए, हमारे द्विपक्षीय संबंध समान रूप से ठोस और कार्रवाई योग्य होने चाहिए.”

उन्होंने पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक गठबंधन को खतरनाक बताया और कहा, “बलूचिस्तान पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक गठबंधन को बेहद खतरनाक मानता है. हम चेतावनी देते हैं कि चीन ने पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को अपने अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है.”

बलूचिस्तान के लोगों ने खुद को पाकिस्तान से अलग करने का मन बना लिया है और अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज़ उठाने की तैयारी में हैं.

 

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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