भारत

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ, राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किए रामलला के दर्शन

अयोध्या धाम में आज श्रीरामलला के विराजमान होने की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में संपन्न हो रहा है, जिसमें देश और प्रदेश के कई प्रमुख नेता, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में राम भक्त शामिल हो रहे हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच चुके हैं। दोनों नेताओं ने सबसे पहले अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और चल रहे धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

राम मंदिर परिसर में प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। गणपति पूजा, मंडल पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इस दौरान रामलला का अभिषेक किया गया और प्रकाटोत्सव आरती संपन्न हुई। कार्यक्रम के अंत में राम मंदिर के निकास द्वार स्थित अंगद टीला पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। इस समारोह में अयोध्या जनपद के लगभग 1200 संतों को आमंत्रित किया गया है, साथ ही बड़ी संख्या में राम भक्त भी मौजूद हैं।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे पावन अवसर को पूरे हर्षोल्लास और उत्सव के साथ मनाया जाना चाहिए।

अयोध्या में प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह को लेकर पूरे शहर में उत्सव का माहौल है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button