इंडिगो संकट गहराया: प्लानिंग और क्रू मैनेजमेंट में भारी कमी, डिजीसीए का नोटिस

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले हफ्ते से भारी उड़ान रद्दीकरण और देरी का सामना कर रही है। इसी कारण नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कंपनी के CEO पीटर एल्बर्स को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि इंडिगो की कार्यप्रणाली में “गंभीर कमी” दिखाई दी है, खासकर प्लानिंग, निगरानी और क्रू मैनेजमेंट में।
शनिवार को जारी नोटिस में DGCA ने CEO एल्बर्स से 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विमान नियम 1937 और नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। DGCA के अनुसार, उड़ानों में हुए भारी व्यवधान की मुख्य वजह नई Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों के तहत क्रू की व्यवस्था सही न कर पाना है। इन नियमों के अनुसार पायलट और क्रू के काम के घंटे और अनिवार्य आराम का शेड्यूल तय होता है।
नियम लागू होने के बाद इंडिगो उचित योजना नहीं बना पाई और बड़े पैमाने पर उड़ानें प्रभावित हुईं। DGCA ने कहा कि यह नियम 42A और अन्य CAR प्रावधानों का उल्लंघन माना जा सकता है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि प्रभावित यात्रियों को जरूरी सुविधाएं और जानकारी नहीं दी गई। रद्द उड़ानों, लंबी देरी और बोर्डिंग रोकने के मामलों में यात्रियों के अधिकारों का पालन नहीं किया गया।
पिछले एक हफ्ते से इंडिगो की उड़ानें रद्द और री-शेड्यूल हो रही हैं। कई जगह पायलट और क्रू की कमी दिखी। हजारों यात्री फंसे रहे और एयरपोर्ट पर लंबी कतारें लगीं।
शनिवार को मिले आंकड़ों के अनुसार:
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दिल्ली हवाईअड्डा: 86 उड़ानें रद्द
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हैदराबाद: 69 उड़ानें रद्द
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अहमदाबाद: 59 उड़ानें रद्द
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कोलकाता: 41 उड़ानें रद्द
बढ़ते विवाद के बीच इंडिगो ने रविवार को माफी जारी की। एयरलाइन ने कहा कि शनिवार को उसने 700 से ज्यादा उड़ानें चलाईं और 113 जगहों को जोड़ा। कंपनी का दावा है कि अब नेटवर्क 95% से ज्यादा बहाल हो चुका है और 138 में से 135 डेस्टिनेशंस पर परिचालन सामान्य है।
इंडिगो ने कहा, “हम जानते हैं कि अभी हमें बहुत सुधार की जरूरत है, लेकिन हम यात्रियों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम एक बार फिर माफी मांगते हैं।”





