Modi-Putin Joint Statement: रूसी पर्यटकों के लिए ई-वीजा की घोषणा, यूक्रेन संकट पर भारत की शांति पहल

नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025 – भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में संपन्न हुई महत्वपूर्ण वार्ता समाप्त हो चुकी है. बैठक के समापन के बाद दोनों शीर्ष नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया और कई अहम मुद्दों पर अपने विचार साझा किए.
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक आतंकवाद से लेकर यूक्रेन में शांति स्थापना तक विभिन्न विषयों पर बात रखी. इस दौरान उन्होंने रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन की अवधि के ई-टूरिस्ट वीजा और 30 दिन के ग्रुप टूरिस्ट वीजा की महत्वपूर्ण घोषणा की. दूसरी ओर, राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के बीच गहरे और मजबूत संबंधों पर जोर देते हुए बताया कि रूस भारत में सबसे विशाल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण परियोजना पर कार्यरत है.
पीएम मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु
25 साल की रणनीतिक साझेदारी की नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ठीक एक चौथाई सदी पूर्व राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की बुनियाद रखी थी. हमारे संबंधों को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी का दर्जा प्रदान किया गया. उन्होंने इन रिश्तों को निरंतरता से मजबूत किया है. उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने हमारे आपसी संबंधों को नई बुलंदियों तक पहुंचाया है. भारत के प्रति उनकी गहन मित्रता और अडिग प्रतिबद्धता के लिए मैं राष्ट्रपति पुतिन और अपने मित्र का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं.”
ध्रुव तारे की तरह अटल मित्रता
पीएम मोदी ने भारत-रूस संबंधों की दृढ़ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “दुनिया में अनगिनत उथल-पुथल देखी गई है, मानवजाति को अनेक संकटों का सामना करना पड़ा है, लेकिन इन सभी परिस्थितियों के बीच भारत-रूस मैत्री एक ध्रुव तारे की भांति अविचलित बनी रही है.”
2030 तक आर्थिक सहयोग
दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. पीएम मोदी ने कहा, “हम भारत-रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को 2030 तक बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि “आज हमें राष्ट्रपति पुतिन के साथ इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम में भागीदारी का सुअवसर प्राप्त होगा.”
जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने की पहल
प्रधानमंत्री ने लोगों के बीच बढ़ते संपर्क का उल्लेख करते हुए कहा, “हाल के दिनों में रूस में भारत के दो नवीन कन्सुलेट स्थापित किए गए हैं, जिससे हमारी निकटता और प्रगाढ़ होगी. इस वर्ष अक्टूबर माह में लाखों श्रद्धालुओं को कालमिकिया में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ.” उन्होंने आगे घोषणा की, “हम रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन की अवधि का ई-टूरिस्ट वीजा और 30 दिन का ग्रुप ई-वीजा प्रारंभ करने जा रहे हैं.”
यूक्रेन संकट पर शांति का आह्वान
यूक्रेन मुद्दे पर भारत की स्पष्ट स्थिति को दोहराते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भारत ने प्रारंभ से ही यूक्रेन प्रश्न पर शांति और संवाद का समर्थन किया है. हम इस विषय के शांतिपूर्ण एवं दीर्घकालिक समाधान के लिए किए जा रहे समस्त प्रयासों का स्वागत करते हैं. भारत हमेशा अपना सकारात्मक योगदान देने के लिए तत्पर रहा है और भविष्य में भी यह दृष्टिकोण जारी रहेगा.”
आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट लड़ाई
आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष में रूस ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है. चाहे पहलगाम में हुआ हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर कायरतापूर्ण हमला – इन सभी का मूल स्रोत एक ही है. आतंकवाद मानवीय मूल्यों पर सीधा आघात है और इसके विरुद्ध वैश्विक एकता ही हमारी वास्तविक शक्ति है.”
राष्ट्रपति पुतिन का बयान
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी संबोधन में दोनों देशों के बीच मौजूद अत्यंत मजबूत आपसी संबंधों पर जोर दिया. उन्होंने विशेष रूप से बताया कि रूस भारत में सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र की निर्माण परियोजना पर सक्रियता से कार्य कर रहा है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक ऊर्जा सहयोग का महत्वपूर्ण प्रतीक है.
इस शिखर वार्ता ने एक बार फिर भारत-रूस के बहुआयामी और गहरे रिश्तों को रेखांकित किया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी अपनी मजबूती बनाए हुए है.





