ड्रग रैकेट की पड़ताल में बड़ा मोड़: पुलिस ने ऑरी को तलब किया

महाराष्ट्र में 252 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग बरामदगी मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ऑरी (ओरहान अवतरमानी) को पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑरी को गुरुवार सुबह 10 बजे घाटकोपर यूनिट के सामने पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला मार्च 2024 की उस बड़ी कार्रवाई से जुड़ा है, जब सांगली जिले की एक फैक्ट्री से 126.14 किलो मेफेड्रोन बरामद किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग ₹252 करोड़ आंकी गई थी। तब से पुलिस इस बड़े ड्रग नेटवर्क के सप्लाई चैन और जुड़े लोगों की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं और अब तकनीकी और डिजिटल इनपुट के आधार पर ऑरी का नाम सामने आया है।
ऑरी सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता, सेलिब्रिटी सर्कल और लाइफस्टाइल के कारण हमेशा सुर्खियों में रहता है। ऐसे में पुलिस समन के बाद वह फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किस बिंदु पर उससे पूछताछ की जाएगी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच से जुड़े हर व्यक्ति से जानकारी ली जा रही है, जिनके संपर्क या डिजिटल डेटा ने कोई लिंक दिखाया हो।
एंटी-नारकोटिक्स सेल की कोशिश पूरे नेटवर्क को उजागर करने की है, जो देश के कई हिस्सों में ड्रग सप्लाई कर रहा था। मेफेड्रोन हाल के वर्षों में युवाओं में तेजी से फैलने वाला सिंथेटिक ड्रग माना जाता है। मुनाफा ज्यादा होने के कारण अपराध जगत में इसकी मांग भी बढ़ी है। पुलिस की यह जांच महाराष्ट्र में चल रहे उन कई अभियानों का हिस्सा है जिनमें फैक्ट्रियों, गोदामों और ड्रग रैकेट के संचालकों पर कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, ऑरी को भेजे गए नोटिस में उसके बयान दर्ज करने की बात कही गई है। पुलिस यह भी मान रही है कि उसे गवाह के तौर पर भी बुलाया गया हो सकता है, हालांकि यह तभी साफ होगा जब पूछताछ पूरी होगी। अधिकारी कह रहे हैं कि ड्रग सप्लाई या लेनदेन से जुड़े किसी भी पहलू को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ऑरी के फैंस का कहना है कि वह सिर्फ रूटीन जांच का हिस्सा है, जबकि कुछ लोग इसे और बड़े सवालों से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और केवल अधिकृत जानकारी पर भरोसा करें।
कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े ड्रग नेटवर्क का असर समाज पर गंभीर रूप से पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में मेफेड्रोन की खपत और उपलब्धता में तेजी से वृद्धि हुई है। अगर ऐसे रैकेट पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो युवाओं में नशे की लत और अपराध बढ़ने का खतरा और गहरा हो सकता है।
जांच टीम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि समन जारी करने का उद्देश्य जांच को तेज करना है। “जिनके संपर्क, वित्तीय लेनदेन या लोकेशन हिस्ट्री से कोई सुराग मिला है, उनसे पूछताछ की जा रही है। हम हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-प्रोफाइल मामलों में अक्सर सेलिब्रिटी का नाम सामने आते ही चर्चा बढ़ जाती है, जबकि कई बार उनका सीधा संबंध मामले से नहीं होता। इसलिए अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसी को अपना काम पूरा करने देना जरूरी है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा। ऑरी के बयान के बाद यह साफ हो पाएगा कि उसका इस केस से क्या संबंध है। फिलहाल जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और पूरे देश की निगाहें इस बड़े मामले की दिशा पर टिकी हैं।





