
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता नीतीश कुमार को बुधवार को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही उनके एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। आधिकारिक शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को होगा।
2025 बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत ने नीतीश कुमार की नेतृत्व भूमिका को और मजबूत किया है। गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें हासिल कीं। दूसरी ओर महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। एनडीए में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि जेडीयू को 85 सीटें मिलीं।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री पद के दावेदार सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान, और बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलिप कुमार जायसवाल सहित एनडीए के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
दिन में इससे पहले जेडीयू विधायकों की बैठक नीतीश कुमार के पटना आवास पर हुई, जहां उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। बीजेपी ने भी सम्राट चौधरी को अपना विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना, जिससे उनकी नई सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका तय हो गई।
कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ एनडीए नेता शामिल होंगे। एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, जिससे इस ऐतिहासिक जनादेश का महत्व और बढ़ जाता है।





