Bihar Election 2025: 7.4 करोड़ मतदाता तय करेंगे सत्ता की दिशा! दो चरणों में होगा मतदान

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा कर लिया गया है. इस प्रक्रिया के बाद जारी अंतिम सूची में कुल 7 करोड़ 41 लाख 92 हजार 357 मतदाता पंजीकृत हैं. इनमें 3.92 करोड़ पुरुष और 3.49 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं. इसके अलावा 1,725 अन्य मतदाता भी इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
दो चरणों में चुनाव, 14 नवंबर को आएंगे नतीजे
राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे- पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को. मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी.
मतदाताओं में हुआ इजाफा, लेकिन बड़ी संख्या में नाम हटे
2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार राज्य में 5,44,697 नए मतदाता जुड़े हैं. हालांकि एसआईआर प्रक्रिया के बाद 47,77,487 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं.
चुनाव आयोग के अनुसार, इनमें से 22,34,136 मतदाता मृत पाए गए, 6,85,000 के नाम दोहराए गए, जबकि 36,44,939 लोग स्थायी रूप से राज्य से बाहर चले गए.
पुरुष-महिला मतदाता संतुलन
2020 में पुरुष मतदाताओं की संख्या 3,87,89,388 थी, जो अब बढ़कर 3,92,07,804 हो गई है. वहीं, महिला मतदाता 3,48,55,815 से बढ़कर 3,49,82,828 हो गई हैं.
युवा और दिव्यांग मतदाताओं की अहम भूमिका
आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 14,01,150 युवा मतदाता इस बार पहली बार मतदान करेंगे.
20-29 वर्ष आयु वर्ग में 1.63 करोड़ मतदाता शामिल हैं.
वहीं, 7,20,709 दिव्यांग मतदाता भी इस चुनाव में अपनी भागीदारी निभाएंगे.
मतदान केंद्रों की संख्या और सुविधा
राज्य में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं- जिनमें 13,911 शहरी क्षेत्रों में और 76,801 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं. हर केंद्र पर औसतन 818 मतदाता वोट डालेंगे. सभी मतदान केंद्रों की 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी.
विशेष रूप से 292 केंद्र दिव्यांग अधिकारियों, 38 केंद्र युवा अधिकारियों और 1,044 केंद्र महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किए जाएंगे.
दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था
दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए आयोग ने विशेष सुविधाओं का प्रावधान किया है. मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, ढालयुक्त रैंप, वालंटियर सहायता और भूतल पर बूथ की व्यवस्था होगी.
जो मतदाता घर से मतदान करना चाहते हैं, वे फॉर्म 12डी भरकर यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं.
8.5 लाख अधिकारी करेंगे चुनाव संचालन
चुनाव को सफल और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग 8.5 लाख चुनाव अधिकारियों की तैनाती करेगा. इनमें 4.53 लाख मतदान कर्मी, 9.6 हजार सेक्टर अधिकारी, 17.8 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षक, और 4.8 हजार मतगणना सूक्ष्म पर्यवेक्षक शामिल हैं.
साथ ही 28.3 हजार मतगणना अधिकारी, 2.5 लाख पुलिसकर्मी और 90,712 आंगनवाड़ी सेविकाएं भी चुनावी ड्यूटी में तैनात रहेंगी.
बिहार में इस बार मतदाता संख्या, पारदर्शिता और व्यवस्थाओं को देखते हुए चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल हों और मतदान का प्रतिशत नया रिकॉर्ड बनाए.





