गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण संजय राउत ने सार्वजनिक जीवन से लिया विराम
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को ऐलान किया कि वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कुछ समय के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर रहेंगे। राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है और वे इस समय इलाज करा रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी है कि फिलहाल वे बाहर न निकलें और किसी से मुलाकात न करें।
संजय राउत ने लिखा, “आप सबका प्यार और भरोसा हमेशा मिला है। लेकिन मेरी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई है, और मैं इलाज करवा रहा हूं। डॉक्टरों ने कहा है कि मुझे फिलहाल आराम करना चाहिए और सार्वजनिक जीवन से दूरी रखनी चाहिए। उम्मीद है कि अगले साल तक मैं पूरी तरह ठीक हो जाऊंगा।”
राउत महाराष्ट्र की राजनीति में विपक्ष की सबसे मुखर आवाजों में से एक माने जाते हैं। वे हाल ही में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों पर कड़े हमलों के चलते सुर्खियों में थे। राउत को 1 नवंबर को विपक्षी दलों के चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लेना था, लेकिन अब स्वास्थ्य कारणों से वे इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे।
राउत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि पार्टी “बैसाखियों के सहारे सत्ता में आती है” और उसकी राजनीति “यूज़ एंड थ्रो (Use and Throw)” के सिद्धांत पर चलती है।
दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि महाराष्ट्र में बीजेपी किसी बैसाखी के सहारे नहीं, बल्कि अपनी ताकत पर चलती है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा था कि शाह का बयान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार जैसे सहयोगियों के लिए “अपमानजनक” है। राउत ने कहा था, “अगर शिंदे और पवार में जरा भी आत्मसम्मान है तो उन्हें सरकार से बाहर आ जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीजेपी की ताकत कभी बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के सहयोग से ही बनी थी।
राउत ने कहा, “बीजेपी की राजनीति हमेशा बैसाखियों पर चली है — बिहार में नीतीश कुमार, महाराष्ट्र में शिवसेना के सहारे। 1985 में जब हम साथ चुनाव लड़े थे, तब बीजेपी के पास गांवों में पोस्टर लगाने वाले कार्यकर्ता भी नहीं थे। तब बालासाहेब ने कहा था कि ये पार्टी हिंदुत्व के लिए काम कर रही है, इसे आगे बढ़ाओ।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का “यूज़ एंड थ्रो मॉडल” असल में “गुजरात पैटर्न” है और ऐसी राजनीति ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। राउत की टिप्पणी पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमित शाह के बयान को गलत समझा गया है। फडणवीस ने कहा, “दोस्त बैसाखी नहीं होते।”





