देश के 12 राज्यों में दोबारा वोटर लिस्ट की जांच, चुनाव आयोग ने फेज-2 का टाइमटेबल किया जारी

चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा कर दी है। इसका उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह साफ़ और सटीक बनाना है, जैसा कि हाल ही में बिहार में किया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार, और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और अब फेज-2 की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है।
इस साल जून में SIR की शुरुआत बिहार से की गई थी। इस अभियान के तहत 30 सितंबर तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया था। इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह था कि नागरिकता का प्रमाण (Proof of Citizenship) अनिवार्य किया गया।
ECI ने बताया कि इस अभियान का मकसद है —
अवैध रूप से शामिल विदेशी मतदाताओं को हटाना
डुप्लीकेट वोटर ID वाले नाम हटाना
अन्य राज्यों में माइग्रेट हो चुके लोगों के नाम हटाना
मृत मतदाताओं के नाम हटाना
हालाँकि, विपक्ष ने इसे “वोट छीनने की साजिश” बताया और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया। सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया को रोकने से इनकार तो किया, लेकिन समय पर सवाल ज़रूर उठाए। कोर्ट ने आधार को पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार करने और 65 लाख हटाए गए नामों की लिस्ट जारी करने का निर्देश भी दिया।
बिहार में क्या निकला परिणाम?
अंतिम सूची में बिहार में 7.42 करोड़ वोटरों के नाम शामिल किए गए, जो पिछली लिस्ट से 42 लाख कम थे। आयोग ने बताया कि पुनः जाँच के बाद कुछ नाम वापस जोड़े भी गए।
फेज-2 किन राज्यों में होगा?
चुनाव आयोग ने बताया कि Phase-2 SIR इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा:
उत्तर प्रदेश
मध्य प्रदेश
राजस्थान
गुजरात
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
केरल
गोवा
छत्तीसगढ़
अंडमान-निकोबार
लक्षद्वीप
पुडुचेरी
महत्वपूर्ण तारीखें
अधिकारियों का प्रशिक्षण: 28 अक्टूबर (कल) से शुरू
फ़ॉर्म भरने की प्रक्रिया: 4 नवंबर से शुरू
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 7 फरवरी, 2026
क्या करना होगा जनता को?
CEC ने बताया —
बोथ लेवल ऑफिसर (BLO) हर घर तीन बार जाएंगे
फॉर्म पहले से प्री-फिल्ड होगा — नाम, बूथ, पुरानी फोटो आदि
नई हालिया रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो चिपकानी होगी
आधार नंबर लिया जाएगा
जो लोग 2003 की वोटर लिस्ट या उनके माता-पिता उससे जुड़े होंगे, उन्हें कोई और डॉक्यूमेंट नहीं देना पड़ेगा
ऑनलाइन फॉर्म जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी





