सांस लेना हुआ मुश्किल: दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा जहरीली

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में दीपावली की रौनक से पहले ही दमघोंटू हवा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दिवाली की सुबह आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 417 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति और बिगड़ सकती है, क्योंकि रात में पटाखों के धुएं और मौसम की ठहराव स्थिति के कारण प्रदूषण का स्तर 1000 तक पहुंचने की आशंका है.
दिल्ली में खतरनाक स्तर पर प्रदूषण
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रविवार रात 10 बजे तक दिल्ली का औसत AQI 306 दर्ज किया गया था, जो सोमवार सुबह तेजी से बढ़कर 400 से ऊपर पहुंच गया.
राजधानी के 38 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 24 ने AQI को ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया है.
वजीरपुर (364), विवेक विहार (351), द्वारका (335), आरके पुरम (323), सीरी फोर्ट (318), दिलशाद गार्डन (318), पंजाबी बाग (313), नेहरू नगर (310), अशोक विहार (305) और बावाना (304) जैसे इलाकों में स्थिति बेहद खराब है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
वायु प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. हेल्थ एक्सपर्ट लोगों को मास्क पहनने, घर से कम निकलने और एयर प्यूरीफायर के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं.
एम्स के पल्मोनरी विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण “फेफड़ों को स्थायी नुकसान” पहुंचा सकता है और लंबे समय तक इसके संपर्क में रहना हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ा सकता है.
दिवाली और पटाखों का असर
हर साल दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है. पिछले वर्षों में दिल्ली सरकार ने आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इस बार भाजपा-शासित सरकार ने ‘ग्रीन पटाखों’ की सीमित अनुमति दी है.
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि “ग्रीन पटाखे” भी प्रदूषण को पूरी तरह रोक नहीं सकते.
मौसम विभाग की नई चेतावनी
इस बीच, अरब सागर में बन रहे नए मौसमीय सिस्टम ने देश के कई हिस्सों के मौसम का मिजाज भी बदल दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तटीय राज्यों और मध्य प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सिस्टम उत्तरी भारत की हवाओं पर भी असर डाल सकता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाव और मुश्किल हो सकता है.
लोगों की अपील: स्वच्छ दिवाली मनाएं
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण प्रेमियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे पटाखों की जगह दीयों और सजावट से दिवाली मनाएं.
पर्यावरण कार्यकर्ता रीता शर्मा कहती हैं, “त्योहार खुशी का प्रतीक है, लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हमारी खुशी किसी और के स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं होनी चाहिए.”





