इजरायल में दिवाली: गाजा से 7 बंधकों का पहला बैच रिहा, सड़कों पर जश्न का माहौल

तेल अवीव: दो साल से जारी युद्ध के बीच सोमवार को मध्य पूर्व में एक उम्मीद की किरण नजर आई. इजरायल और हमास के बीच हुए सीजफायर समझौते के तहत गाजा से बंधकों के पहले बैच को रिहा कर दिया गया. इस खबर के साथ ही इजरायल की सड़कों पर जश्न का माहौल है — लोग झूम रहे हैं, गा रहे हैं, और एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दे रहे हैं.

एजेंसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिहा किए गए पहले समूह में 7 इजरायली बंधक शामिल हैं जिन्हें रेड क्रॉस के हवाले किया गया है. हालांकि, अब तक इन बंधकों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है.
कौन-कौन लौटे अपने घर?
रिहा किए गए बंधकों की पहचान गैली और जिव बर्मन, मटन एंग्रेस्ट, एलोन ओहेल, ओमरी मिरान, ईटन मोर और गाइ गिल्बोआ-दल्लाल के रूप में हुई है.
इजरायली मीडिया के अनुसार, सभी बंधकों को रिहाई के बाद मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन (Psychological Evaluation) से गुजरना होगा ताकि लंबे कैद के मानसिक प्रभावों का आकलन किया जा सके.
हमास की सूची में 20 बंधक, 1,900 फिलिस्तीनी कैदी भी होंगे रिहा
हमास ने सोमवार सुबह 20 जीवित बंधकों की सूची जारी की है जिन्हें वह सीजफायर डील के तहत क्रमवार रिहा करेगा. इसके साथ ही संगठन ने 1,900 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों की सूची भी जारी की है जिन्हें इजरायल की जेलों से छोड़ा जाना तय है.
दोनों पक्षों में उम्मीद की नई शुरुआत
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संघर्ष के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है. जहां इजरायल में यह दिन “दिवाली जैसे उत्सव” में बदल गया, वहीं गाजा में लोग अपने बंदी रिश्तेदारों की रिहाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब भी सतर्क है. संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी प्रशासन ने इस समझौते का स्वागत करते हुए दोनों पक्षों से अपील की है कि मानवीय सहायता और संवाद की प्रक्रिया को जारी रखा जाए.
‘जंग खत्म हो चुका है’- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि “गाजा में युद्ध खत्म हो गया है.” इस ऐलान के साथ वह इजरायल के लिए निकल गए. इजरायल के बाद वो मिस्र में एक उच्च-स्तरीय शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भी जाएंगे. इस यात्रा को बेहद खास बताते हुए इसकी शुरुआत में एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम और बंधक रिहाई समझौते के बारे में किसी भी चिंताओं को खारिज कर दिया.





